
ट्रेड लाइसेंस से भवन नक्शा स्वीकृति तक 10 मॉड्यूल शुरू, नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल प्रमाणपत्र की मिलेगी सुविधा
पटना:- बिहार में शहरी सेवाओं को तकनीक से जोड़ने और नगर निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (NUDM) के अंतर्गत विकसित किए जा रहे UPYOG पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिए राज्य के नगर निकायों से जुड़ी अनेक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की योजना है। कार्यक्रम के दौरान पोर्टल की कार्यप्रणाली पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। इसके बाद मुख्यमंत्री के समक्ष इसका लाइव डेमोंस्ट्रेशन किया गया। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव ने पोर्टल की विशेषताओं और इसके उपयोग से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी।
एक क्लिक पर मिलेंगी नगर निकायों की सेवाएं
UPYOG पोर्टल के प्रथम चरण में कुल 19 मॉड्यूल में से 10 मॉड्यूल शुरू किए गए हैं। इनमें विज्ञापन प्रबंधन, ट्रेड लाइसेंस, जल एवं सीवरेज कनेक्शन प्रबंधन, परिसंपत्ति प्रबंधन, वाहन बेड़ा प्रबंधन, नगरपालिका लेखा एवं वित्त प्रबंधन, भवन नक्शा स्वीकृति, विधि मॉड्यूल, सामग्री प्रबंधन और शिकायत निवारण से संबंधित सुविधाएं शामिल हैं। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक विभिन्न शहरी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्त कर पाएंगे। भवन निर्माण के नक्शे की स्वीकृति की प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी। इससे लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए नगर निकाय कार्यालयों का बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। आवेदन की प्रक्रिया सरल होने के साथ-साथ सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
264 शहरी निकायों तक पहुंचेगी डिजिटल व्यवस्था
राज्य के 264 शहरी स्थानीय निकायों में इस पोर्टल को लागू करने की योजना है। इसके माध्यम से नगर निकायों के प्रशासनिक कार्यों, वित्तीय प्रबंधन और नागरिक सेवाओं को एक डिजिटल व्यवस्था के तहत लाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि UPYOG पोर्टल नगर विकास एवं आवास विभाग की कार्यप्रणाली में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से आम नागरिकों को सुविधाएं आसानी से मिलेंगी और शहरी सेवाओं का संचालन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।
आवासीय परियोजना और आईटी पार्क के लिए समझौते
कार्यक्रम में शहरी आधारभूत संरचना के विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। नगर विकास एवं आवास विभाग तथा नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (NBCC) के बीच विभिन्न विकास परियोजनाओं से संबंधित समझौता ज्ञापन का हस्तांतरण किया गया। पहली परियोजना के तहत पटना में टी.वी. टावर के निकट बिहार राज्य आवास बोर्ड के सेक्टर-5 की लगभग 8.5 एकड़ भूमि पर वित्तपोषित आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना है। वहीं, गर्दनीबाग में टेक पार्क के निर्माण एवं विकास के लिए सूचना प्रावैधिकी विभाग और NBCC के बीच समझौता ज्ञापन का हस्तांतरण किया गया। इसके अतिरिक्त जल संसाधन विभाग और NBCC के बीच निरीक्षण भवनों (IB) को नए टावर के रूप में विकसित करने के संबंध में भी समझौता किया गया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आधुनिक सुविधाओं का विस्तार, शहरी आधारभूत संरचना को मजबूत करना और निवेश एवं राजस्व सृजन की संभावनाओं को बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री बोले—शहरी विकास को मिलेगी नई गति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आज बिहार के लिए महत्वपूर्ण दिन है। UPYOG पोर्टल का शुभारंभ और NBCC के साथ हुए समझौते राज्य में शहरी विकास एवं आधारभूत संरचना के विस्तार को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से नागरिक सेवाओं को सरल और सुविधाजनक बनाया जाएगा। भवन निर्माण की अनुमति, वाहनों के प्रबंधन और अन्य नगर निकाय सेवाओं में ऑनलाइन व्यवस्था से लोगों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आवासीय परियोजना, गर्दनीबाग में आधुनिक आईटी हब और निरीक्षण भवनों के विकास से राज्य में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा तथा राजस्व प्राप्ति की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, प्रधान सचिव विनय कुमार सहित विभिन्न विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक निलेश रामचन्द्र देवड़े तथा NBCC के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महापौर, पार्षद, नगर आयुक्त और अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति भी जुड़े।
डिजिटल बिहार की दिशा में एक और कदम
UPYOG पोर्टल और विकास परियोजनाओं से जुड़े समझौतों के जरिए बिहार में शहरी प्रशासन को आधुनिक बनाने की पहल की गई है। अब इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिकों तक सुविधाएं पहुंचने पर सबकी नजर रहेगी।










