
ICDS की समीक्षा में रजौन, बाराहाट और बौंसी परियोजनाओं के प्रदर्शन पर नाराजगी; 491 किराए के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवन निर्माण की तैयारी, कुपोषित बच्चों को NRC भेजने का निर्देश
बांका:- आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली से लेकर बच्चों के पोषण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तक में लापरवाही अब संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों पर भारी पड़ सकती है। समाहरणालय के मिनी सभागार में जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) की समीक्षात्मक बैठक में पोषण ट्रैकर के विभिन्न संकेतकों में बांका जिले की राज्यस्तरीय रैंकिंग असंतोषजनक पाए जाने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर प्रदर्शन में ठोस सुधार लाकर जिले की स्थिति बेहतर करने का निर्देश दिया।
491 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में, मांगी गई पूरी सूची
समीक्षा के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। जिले में 491 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवनों में संचालित होने की जानकारी सामने आई। डीएम ने इन केंद्रों के साथ अन्य सरकारी भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा, ताकि आवश्यकता के अनुसार नए भवनों के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। वहीं अर्धनिर्मित एवं अक्रियाशील आंगनबाड़ी केंद्रों की रिपोर्ट दो दिनों के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
FRS 97.05 प्रतिशत, सात दिनों में शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य
फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) की समीक्षा में जिले की प्रगति 97.05 प्रतिशत पाई गई। डीएम ने शेष कार्य को तेजी से पूरा कर एक सप्ताह में इसे शत-प्रतिशत करने का निर्देश दिया। दूसरी ओर टीएचआर (Take Home Ration) एवं गर्म पका भोजन वितरण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस से स्पष्टीकरण मांगा गया।
रजौन, बाराहाट और बौंसी की कम रैंकिंग पर चेतावनी
बैठक में गृह भ्रमण, बच्चों के वजन-माप, आभा आईडी और गर्म पका भोजन सहित विभिन्न संकेतकों की प्रगति की समीक्षा की गई। इनमें धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। विशेष रूप से रजौन, बाराहाट एवं बौंसी परियोजना की रैंकिंग निम्न पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को प्रदर्शन सुधारने की चेतावनी दी गई। वहीं टीकाकरण से संबंधित आंकड़े उपलब्ध नहीं कराने पर सीडीपीओ रजौन एवं बांका से स्पष्टीकरण तलब किया गया।
अतिकुपोषित बच्चों को NRC भेजने का निर्देश
बच्चों में कुपोषण की स्थिति पर डीएम ने विशेष गंभीरता दिखाई। अधिकारियों को नाटापन, कुपोषण एवं अतिकुपोषण से प्रभावित बच्चों की पहचान कर उनके पोषण स्तर में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) भेजने का निर्देश दिया गया, ताकि उन्हें चिकित्सकीय देखरेख और आवश्यक पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
खराब प्रदर्शन पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी
समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया गया कि लगातार खराब प्रदर्शन को सामान्य लापरवाही मानकर नहीं छोड़ा जाएगा। खराब प्रदर्शन करने वाली महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं सेविकाओं के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने तथा अपेक्षित सुधार नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार चयनमुक्त करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
पानी, बिजली और शौचालय विहीन केंद्रों की सुधरेगी स्थिति
आंगनबाड़ी केंद्रों की बुनियादी सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। पेयजल, विद्युत एवं शौचालय की सुविधा से वंचित केंद्रों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द सुविधायुक्त बनाने का निर्देश दिया गया। बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। वहीं वन स्टॉप सेंटर को निष्पादित मामलों का नियमित फॉलो-अप करने के साथ अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
एक सप्ताह की समय-सीमा, प्रदर्शन पर रहेगी नजर
डीएम ने अधिकारियों एवं कर्मियों को स्पष्ट संदेश दिया कि योजनाओं की उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए। पोषण ट्रैकर सहित कमजोर संकेतकों में सुधार के लिए दी गई एक सप्ताह की समय-सीमा के भीतर परिणाम दिखाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), जिला समन्वयक एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।











