
करझौसा स्थित तसर अग्र परियोजना केंद्र का निरीक्षण; पांच बीजागार, ककून बैंक और प्रशासनिक भवन का नहीं हो रहा समुचित उपयोग, किसानों को प्रत्यक्ष लाभ दिलाने पर जोर
बांका:- तसर उत्पादन से जुड़े किसानों के लिए महत्वपूर्ण संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को ग्राम करझौसा स्थित तसर अग्र परियोजना केंद्र, इनारावरण, कटोरिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में उपलब्ध कई भवनों और संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं होने की स्थिति सामने आने पर जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने खेद व्यक्त किया और अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया।
पांच बीजागार सहित कई भवनों का नहीं हो रहा पूरा उपयोग
निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि केंद्र परिसर में मौजूद पांच बीजागार भवन, ककून बैंक भवन एवं प्रशासनिक भवन का अपेक्षित रूप से उपयोग नहीं हो पा रहा है। परिसर के रख-रखाव में भी कमी पाई गई, जिसके कारण भवनों की स्थिति में सुधार की आवश्यकता महसूस की गई। डीएम ने उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं को अनुपयोगी छोड़ने के बजाय उनका बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

सात दिनों में संयुक्त कार्ययोजना देने का निर्देश
केंद्र की व्यवस्था में सुधार के लिए महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, डीपीएम जीविका, डीपीओ प्लानिंग एवं प्रभारी पदाधिकारी, बैंकिंग शाखा को संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इन अधिकारियों को सात दिनों के भीतर केंद्र के समुचित रख-रखाव और बेहतर उपयोग से संबंधित संयुक्त कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
15 दिनों के भीतर दिखनी चाहिए प्रगति
जिला पदाधिकारी ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, बांका को निर्देश दिया कि केंद्र के बेहतर उपयोग एवं रख-रखाव के लिए आवश्यक कदम उठाते हुए 15 दिनों के भीतर प्रगति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जिन संसाधनों अथवा सहयोग की आवश्यकता है, उनकी उपलब्धता को लेकर संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करने और आवश्यक पत्राचार करने को भी कहा गया है।

ककून बैंक में मशीनरी लगाने की कवायद होगी तेज
निरीक्षण के दौरान ककून बैंक को सक्रिय और उपयोगी बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। ककून बैंक के संचालन के लिए आवश्यक मशीनरी एवं उपकरणों की खरीद और अधिष्ठापन को लेकर संबंधित विभाग से पत्राचार कर अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन का प्रयास है कि आवश्यक उपकरण उपलब्ध होने के बाद ककून बैंक की उपयोगिता बढ़े और इसका लाभ तसर उत्पादन से जुड़े किसानों तक पहुंचे।
तसर किसानों तक पहुंचे केंद्र का प्रत्यक्ष लाभ
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना केंद्र तसर कृषकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में भवनों और उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है। डीएम ने अधिकारियों को ऐसी व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया, जिससे केंद्र केवल आधारभूत संरचना तक सीमित न रहे, बल्कि तसर किसानों के लिए व्यावहारिक रूप से उपयोगी केंद्र के रूप में काम करे और उन्हें इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। अब सात दिनों में संयुक्त कार्ययोजना और उसके बाद निर्धारित समय-सीमा में होने वाली प्रगति पर जिला प्रशासन की नजर रहेगी।











