
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में 1,300 के लक्ष्य के मुकाबले 591 आवेदन; स्वयं सहायता भत्ता में 604 आवेदन, स्कूल-कॉलेज से लेकर सेविका, विकास मित्र और जीविका दीदियों तक को जोड़ने की रणनीति
बांका:- जिले के अधिक से अधिक युवाओं को उच्च शिक्षा, आर्थिक सहायता और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC), बांका से संचालित बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता एवं कुशल युवा कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में डीएम ने निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ पात्र युवाओं की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में अब तक 45.46 प्रतिशत आवेदन
बैठक में डीआरसीसी के प्रबंधक ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की अब तक की प्रगति प्रस्तुत की। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत जिले को कुल 1,300 आवेदनों का लक्ष्य मिला है, जिसके विरुद्ध अब तक 591 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह निर्धारित लक्ष्य का 45.46 प्रतिशत है। माहवार आंकड़ों के अनुसार जून में 82, जुलाई में 190 और अगस्त में 284 आवेदन प्राप्त हुए। डीएम ने योजना की पहुंच बढ़ाते हुए पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया।
स्वयं सहायता भत्ता में 4,122 के लक्ष्य के विरुद्ध 604 आवेदन
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना में जिले का लक्ष्य 4,122 निर्धारित है, जबकि अब तक 604 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जून में 122, जुलाई में 150 और अगस्त में 266 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी बैठक में दी गई। वहीं कुशल युवा कार्यक्रम के तहत अब तक कुल 2,107 आवेदन आए हैं। इनमें जून में 589, जुलाई में 615 तथा अगस्त में 654 आवेदन प्राप्त हुए।

स्कूल-कॉलेज और कोचिंग से तैयार होगी 12वीं पास युवाओं की सूची
लक्ष्य हासिल करने के लिए डीएम ने नई रणनीति के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी, बांका से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। जिले के सभी सरकारी एवं निजी उच्च विद्यालयों, सरकारी एवं निजी महाविद्यालयों तथा कोचिंग संस्थानों से संपर्क कर 12वीं पास छात्र-छात्राओं की अद्यतन मोबाइल नंबर सहित सूची तैयार कर डीआरसीसी को उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही नोडल शिक्षकों के माध्यम से योजनाओं का लाभ लेने के इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों की सूची प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है, ताकि उनसे सीधे संपर्क स्थापित किया जा सके।
तालिमी मरकज और टोला सेवक भी युवाओं तक पहुंचाएंगे जानकारी
डीएम ने जिले के तालिमी मरकज एवं टोला सेवकों की प्रखंडवार बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। बैठकों में उन्हें तीनों योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी और उनके माध्यम से संबंधित क्षेत्रों के इच्छुक एवं पात्र युवाओं की सूची जुटाई जाएगी।
प्रशासन की कोशिश है कि जानकारी के अभाव में कोई पात्र युवा इन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
सेविका-सहायिका और विकास मित्रों की भी ली जाएगी मदद
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का दायरा बढ़ाने के लिए आईसीडीएस की सेविका एवं सहायिकाओं को भी अभियान से जोड़ने की योजना बनाई गई है। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस को उनके माध्यम से पोषक क्षेत्रों में रहने वाले प्राथमिकता आधारित 12वीं एवं स्नातक पास छात्र-छात्राओं की सूची निर्धारित प्रपत्र में प्राप्त कर डीआरसीसी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। इसी तरह जिला कल्याण पदाधिकारी से समन्वय स्थापित कर विकास मित्रों के माध्यम से भी उनके पोषक क्षेत्रों में पात्र 12वीं एवं स्नातक पास युवाओं की पहचान करने को कहा गया है।
जीविका दीदियों के नेटवर्क से भी खोजे जाएंगे पात्र युवा
योजनाओं की पहुंच गांव और परिवार स्तर तक बढ़ाने के लिए जीविका दीदियों का सहयोग भी लिया जाएगा। जीविका के माध्यम से पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया गया है।
डीएम का निर्देश—सिर्फ प्रचार नहीं, पात्र युवाओं को योजना से जोड़ें
जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर अग्रेतर कार्रवाई की जाए। प्रचार-प्रसार के साथ पात्र लाभार्थियों की पहचान और उन्हें योजनाओं के अंतर्गत आच्छादित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रशासन की इस रणनीति के तहत अब शिक्षण संस्थानों से लेकर टोला सेवक, तालिमी मरकज, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, विकास मित्र और जीविका दीदियों तक के नेटवर्क का उपयोग कर अधिक से अधिक युवाओं तक इन योजनाओं की जानकारी और लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।











