
चांदन/बांका:- जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भैरोगंज बाजार सहित ग्रामीण इलाके में बोरे में भरकर की जा रही संदिग्ध ढुलाई को लेकर अवैध बालू कारोबार की चर्चा तेज है। तस्वीर सामने आने के बाद मामले ने प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि बोरे में वास्तव में बालू है या कोई अन्य सामान, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। प्रशासन का यह कहना अपनी जगह है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच करेगा कौन और जांच कब होगी?यदि बोरे में बालू पाया जाता है तो यह देखना होगा कि बालू कहां से लाया गया, किसके द्वारा ढोया जा रहा था और इसके लिए वैध चालान या अनुमति है या नहीं। वहीं यदि बोरे में कोई अन्य सामान है तो तस्वीर को लेकर उठ रहे सवाल भी जांच के बाद ही साफ हो सकेंगे।ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके। जांच नहीं होने तक अवैध बालू कारोबार या प्रशासन की मिलीभगत जैसे आरोपों की पुष्टि करना संभव नहीं है। लेकिन सवाल जरूर खड़ा है—जब तस्वीर सामने है, तो जांच की जिम्मेदारी किसकी है और कार्रवाई के लिए आखिर किसका









