
खगड़िया। गंगा नदी के जलस्तर में कमी आने के बावजूद बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं।नगर परिषद गोगरी स्थित शारदा नगर में बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच युवा शक्ति के नेता कविरंजन यादव के सौजन्य से सूखा राशन का वितरण किया गया।युवा शक्ति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी,रामपुर पंचायत के मुखिया कृष्णानंद यादव,सह-आरटीआईसह आरटीआई कार्यकर्ता अभय कुमार गुड्डू एवं युवा शक्ति के कोषाध्यक्ष नीरज कुमार यादव ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री वितरित की।

इस अवसर पर युवा शक्ति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि गंगा का जलस्तर भले ही घट रहा है,लेकिन बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित परिवारों की परेशानी अभी समाप्त नहीं हुई है।उन्होंने कहा कि घरों से पानी निकलने के बाद भी बड़ी संख्या में परिवारों के सामने भोजन, स्वच्छ पेयजल,स्वास्थ्य, साफ-सफाई और रोजमर्रा की जरुरतों का संकट बना हुआ है।बाढ़ के कारण गरीब एवं मजदूर परिवारों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है।ऐसे कठिन समय में समाज के सक्षम लोगों और सामाजिक संगठनों को आगे आकर पीड़ित परिवारों की मदद करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि राहत वितरण केवल सहायता नहीं बल्कि संकट में खड़े परिवारों के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का परिचायक है।

वहीं रामपुर पंचायत के मुखिया कृष्णानंद यादव ने कहा कि जलस्तर कम होने के बाद प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के सामने राहत और पुनर्वास की बड़ी चुनौती है।बाढ़ का पानी निकलने के साथ ही प्रभावित इलाकों में कीचड़,गंदगी और जलजमाव से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रुप से साफ-सफाई, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव,शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तथा स्वास्थ्य जांच शिविर चलाने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि जब तक सामान्य जनजीवन पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटता,तब तक राहत कार्य जारी रहना चाहिए।समाजसेवी सह आरटीआई कार्यकर्ता अभय कुमार गुड्डू ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरना राहत की शुरुआत है, लेकिन समस्या का अंत नहीं।उन्होंने कहा कि पानी निकलने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने घरों की सफाई, क्षतिग्रस्त सामान,भोजन की व्यवस्था और बीमारी से बचाव जैसी गंभीर चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं।गरीब परिवारों के लिए यह संकट और भी गंभीर है।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शारदा नगर सहित सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय सर्वेक्षण कर वास्तविक क्षति का आकलन किया जाए तथा पात्र परिवारों को सरकारी राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।वहीं युवा शक्ति नेता कविरंजन यादव और युवा शक्ति के कोषाध्यक्ष नीरज कुमार यादव ने कहा कि बाढ़ के दौरान लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना जरुरी है,लेकिन जलस्तर घटने के बाद भी प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता।उन्होंने कहा कि सूखा राशन जैसी आवश्यक सामग्री जरुरतमंद परिवारों के लिए तत्काल सहारा है।उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी आगे आकर बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की अपील की।
राहत वितरण के दौरान बाढ़ पीड़ित परिवारों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं।लोगों ने बताया कि घरों से पानी निकलना शुरु हो गया है, लेकिन घरों और आसपास के इलाकों में जमा गंदगी एवं कीचड़ के कारण सामान्य जीवन अभी भी प्रभावित है।कई परिवारों के घरेलू सामान खराब हो चुके हैं तथा रोजगार और दैनिक मजदूरी प्रभावित होने से आर्थिक संकट गहरा गया है।राहत वितरण कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि आपदा के समय मानवीय संवेदना और सामूहिक सहयोग ही प्रभावित परिवारों को मुश्किल दौर से बाहर निकालने की सबसे बड़ी ताकत है।युवा शक्ति के इस प्रयास से बाढ़ पीड़ित परिवारों को तत्काल खाद्य सामग्री का सहारा मिला और उनके बीच यह भरोसा भी कायम हुआ कि संकट की घड़ी में समाज उनके साथ खड़ा है।






