
दैनिक बिहार पत्रिका । खगड़िया । नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत कचहरी रोड एवं सोनमंखी गौशाला रोड में BUIDCO द्वारा निर्माणाधीन नाला कार्य को लेकर तकनीकी स्थिति और निर्माण के एलाइनमेंट पर सवाल उठाते हुए नगर सभापति अर्चना कुमारी ने जिला पदाधिकारी खगड़िया से तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है।नगर सभापति ने जिला पदाधिकारी को पत्र भेजकर आग्रह किया है कि दोनों निर्माणाधीन नाला कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए,ताकि निर्माण पूरा होने से पहले यदि कोई तकनीकी कमी या एलाइनमेंट संबंधी समस्या है तो उसे समय रहते दूर किया जा सके।

अर्चना कुमारी के अनुसार स्थल पर कहीं नाला जमीन के नीचे, कहीं लगभग दो फीट तक जमीन के ऊपर बनाया जा रहा है।वहीं कुछ स्थानों पर नाला टेढ़ा-मेढ़ा अथवा घुमावदार बनाए जाने की शिकायत भी सामने आ रही है।

सड़क चौड़ीकरण को ध्यान में रखकर एलाइनमेंट तय करने का आग्रह
नगर सभापति ने कहा कि कुछ स्थानों पर सरकारी भूमि उपलब्ध होने के बावजूद उसे छोड़कर नाला बनाए जाने की स्थिति दिखाई दे रही है।भविष्य में सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित होने की स्थिति में गलत स्थान पर बना नाला सड़क विस्तार में बाधा बन सकता है।ऐसे में बाद में सरकारी राशि से बने नाले को तोड़कर दोबारा निर्माण कराने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।इसी आशंका को देखते हुए उन्होंने DM से DPR,स्वीकृत प्राक्कलन एवं भविष्य की सड़क चौड़ीकरण योजना के अनुरूप नाला का सही एलाइनमेंट निर्धारित कराने का आग्रह किया है।
अन्य विभाग के अभियंताओं से स्वतंत्र जांच की मांग
नगर सभापति ने आग्रह किया है कि BUIDCO के संबंधित अभियंताओं के अतिरिक्त किसी अन्य विभाग के सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को प्रतिनियुक्त कर स्वतंत्र स्थल निरीक्षण और तकनीकी जांच कराई जाए।जांच में नाला की सीध,लेवल,ढाल, गहराई,चौड़ाई तथा सड़क के वर्तमान और प्रस्तावित स्तर के साथ उसके समन्वय का तकनीकी सत्यापन कराया जाए।उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि जब तक स्वतंत्र तकनीकी जांच पूरी नहीं हो जाती और सही एलाइनमेंट निर्धारित नहीं हो जाता,तब तक विवादित अथवा गलत लेवल वाले स्थानों पर निर्माण कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जाए।
सरकारी राशि की सुरक्षा को लेकर भी चिंता
अर्चना कुमारी ने कहा कि नाला निर्माण का उद्देश्य शहर की जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान करना है।यदि निर्माण तकनीकी रूप से सही नहीं हुआ तो भविष्य में जलनिकासी की समस्या बनी रह सकती है और सड़क चौड़ीकरण के समय नाला हटाने की आवश्यकता पड़ सकती है।इससे सरकारी राशि का दोबारा उपयोग होने की स्थिति बन सकती है।इसलिए निर्माण पूरा होने से पहले तकनीकी जांच कराना जनहित एवं सरकारी राशि की सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है।
संवेदक की कार्यप्रणाली और अभियंताओं की निगरानी की भी हो जांच
नगर सभापति ने DM से यह भी आग्रह किया है कि निर्माण स्थल पर BUIDCOके सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता की निगरानी की स्थिति की जांच कराई जाए।पत्र में कहा गया है कि स्थल पर प्रभावी तकनीकी निगरानी के अभाव में संवेदक द्वारा अपनी सुविधा के अनुसार कार्य किए जाने की शिकायत है।इन शिकायतों की वास्तविकता का स्वतंत्र तकनीकी जांच के माध्यम से सत्यापन कराया जाना चाहिए।यदि जांच में संवेदक अथवा संबंधित अभियंताओं की लापरवाही या अनियमितता प्रमाणित होती है तो नियमानुसार जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई की जाए।
अर्चना कुमारी ने कहा—उद्देश्य निर्माण रोकना नहीं, सही निर्माण सुनिश्चित करना है
नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी विकास योजना को रोकना नहीं,बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि जनता के पैसे से बनने वाला नाला तकनीकी रूप से सही,टिकाऊ और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो।उन्होंने कहा कि निर्माण पूरा होने के बाद कमी सामने आने से बेहतर है कि अभी स्वतंत्र तकनीकी जांच कराकर आवश्यक सुधार करा लिया जाए।“DM महोदय से मेरा आग्रह है कि कचहरी रोड एवं सोनमंखी/गौशाला रोड में निर्माणाधीन नाला कार्य की तत्काल स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए।यदि कहीं लेवल,एलाइनमेंट या निर्माण स्थल में तकनीकी त्रुटि है तो उसे निर्माण पूरा होने से पहले ठीक कराया जाए,ताकि भविष्य में सरकारी राशि का नुकसान न हो और जनता को जल निकासी की बेहतर सुविधा मिल सके।” नगर सभापति ने कहा कि जनहित,तकनीकी गुणवत्ता और सरकारी राशि की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन का समय रहते हस्तक्षेप आवश्यक है।






