
रिपोर्ट:- उमाकांत पोद्दार।
चांदन/बांका:- बांका के लाल और फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाले फिल्म निर्माता डॉ. इकबाल दुर्रानी ने शुक्रवार को सिमुलतला स्थित अन्या रेस्टोरेंट में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने फिल्मी सफर, सामवेद के अनुवाद और आगामी फिल्म ‘बाबा जान’ को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से मुखातिब होकर अपने जीवन के संघर्ष, फिल्मी करियर और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में अन्या रेस्टोरेंट के प्रोपराइटर सह पूर्व फिल्म अभिनेता फेबियन चार्ल्स वुड सहित मौजूद पत्रकारों ने डॉ. इकबाल दुर्रानी को गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। अपने फिल्मी सफर की चर्चा करते हुए डॉ. दुर्रानी ने बताया कि उनके जीवन की पहली फिल्म ‘कालचक्र’ से उनके फिल्मी करियर का शुभारंभ हुआ। उन्होंने अपने निजी जीवन से जुड़ा रोचक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि ‘कालचक्र’ फिल्म रिलीज होने से करीब तीन महीने पहले उनकी शादी हुई थी। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1988 से लेकर 2020 तक फिल्म जगत में सक्रिय रहते हुए करीब 52 फिल्मों में अपना करियर बनाया। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के बाद उन्होंने फिल्म निर्माण से कुछ समय के लिए अलग होकर सामवेद ग्रंथ पर काम शुरू किया। उन्होंने सामवेद का अनुवाद करने की जानकारी देते हुए कहा कि इसके विमोचन की प्रक्रिया चल रही है। डॉ. दुर्रानी ने कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर अब उन्होंने ‘बाबा जान’ फिल्म बनाने का निर्णय लिया है। यह फिल्म गौ संरक्षण और आध्यात्मिक संदेश पर आधारित होगी। उन्होंने बताया कि फिल्म का मुहूर्त नवंबर 2026 में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा किए जाने की योजना है। फिल्म में उनके इकलौते बेटे मसाला दुर्रानी के साथ-साथ फिल्म जगत के कई बड़े कलाकारों के शामिल होने की बात उन्होंने कही। गौ संरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि गाय को वे माता का दर्जा देते हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार गाय भी अपने दूध के माध्यम से मानव समाज का पालन करती है। ऐसे में गौ हत्या को लेकर उन्होंने चिंता जताई और इसे रोकने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ‘बाबा जान’ में इसी विषय को प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि फिल्म देखने वाले लोगों के मन में गौ संरक्षण और आध्यात्मिक सोच का संदेश पहुंचे। उन्होंने सरकार से भी गौ हत्या पर प्रभावी रोक लगाने की अपील की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. इकबाल दुर्रानी ने ‘फूल और कांटे पार्ट-2’ बनाने का भी संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘बाबा जान’ के रिलीज होने के बाद ‘फूल और कांटे पार्ट-2’ का निर्माण करना उनका अंतिम लक्ष्य है। उन्होंने अपने पारिवारिक जीवन पर भी चर्चा की और बताया कि वह मुस्लिम समुदाय से हैं, जबकि उनकी पत्नी ब्राह्मण समाज से हैं। उन्होंने अपने इकलौते बेटे मसाला दुर्रानी का भी जिक्र किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद डॉ. इकबाल दुर्रानी ने सिमुलतला की प्राकृतिक वादियों का अवलोकन किया। उन्होंने लड्डू पहाड़, राजा कोठी, झाझवा झरना सहित कई स्थानों का भ्रमण किया। उन्होंने बताया कि यदि ये स्थान फिल्म की कहानी और दृश्यों के अनुरूप पसंद आते हैं, तो आगामी फिल्म की शूटिंग के लिए सिमुलतला क्षेत्र को भी महत्वपूर्ण लोकेशन के रूप में चुना जा सकता है।


CHANDAN NEWS: बांका के ‘कोहिनूर’







