
बांका। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार एवं आजीविका के अवसर बढ़ाने की दिशा में बांका में पहल तेज की जा रही है। इसी उद्देश्य से गुरुवार को बांका स्थित जीविका जिला कार्यालय में ‘जीविका निधि’ के सफल संचालन और वित्तीय प्रबंधन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के सभी प्रखंड परियोजना प्रबंधकों यानी बीपीएम और जिला प्रबंधकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को योजना के संचालन, ऋण आवेदनों के निष्पादन और वित्तीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
ग्रामीण परिवारों तक समय पर पहुंचे ऋण की सुविधा
इस कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूत करना और जरूरतमंद जीविका दीदियों तथा स्वयं सहायता समूहों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सुगम बनाना था। कार्यक्रम में बताया गया कि ऋण की उपलब्धता से महिलाएं स्वरोजगार शुरू करने, छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने और अपनी आजीविका गतिविधियों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा सकती हैं। इसके लिए जरूरी है कि आवेदन प्रक्रिया सरल हो और पात्र लाभार्थियों के आवेदनों का निष्पादन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर किया जाए।
पोर्टल और ऋण प्रक्रिया की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण सत्र में ‘जीविका निधि’ से जुड़े विभिन्न पहलुओं, पोर्टल के तकनीकी उपयोग और ऋण आवेदनों के निष्पादन की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि आवेदन से संबंधित कार्यों को पारदर्शिता और तत्परता के साथ पूरा करना आवश्यक है, ताकि लाभार्थियों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। इस दौरान प्रखंड स्तर पर आने वाले आवेदनों की निगरानी और उनके समयबद्ध निष्पादन को लेकर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
लंबित आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाने के निर्देश
जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी प्रखंड परियोजना प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऋण आवेदन प्रक्रिया को आसान और व्यवस्थित बनाएं। ग्रामीण इलाकों से प्राप्त आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनके निष्पादन में तेजी लाई जाए। अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की गई कि वे योजना के संचालन में आने वाली तकनीकी या प्रक्रियागत समस्याओं पर ध्यान दें, ताकि पात्र जीविका दीदियों और स्वयं सहायता समूहों तक ऋण की सुविधा पहुंचाने में बाधाएं कम हों।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
जीविका निधि के बेहतर संचालन से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के नए अवसर तलाशने में सहायता मिल सकती है। समय पर वित्तीय सहायता मिलने से महिलाएं छोटे उद्यम, स्वरोजगार और अन्य आयवर्धक गतिविधियों की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा मिलने की संभावना है, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है। बांका जिला जीविका कार्यालय में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने, ऋण प्रक्रिया को प्रभावी करने और जरूरतमंद लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहल है।









