
अर्नव तूफान के असर से आसमान में छाए रहे बादल, सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र के लिए की पूजा-अर्चना
बौंसी/बांका। पति की लंबी उम्र, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ बौंसी प्रखंड क्षेत्र में करवाचौथ का पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर सुहागिन महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने दिनभर उपवास रखकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। हालांकि, अर्नव तूफान के प्रभाव के कारण आसमान में चांद दिखाई नहीं दिया, जिससे महिलाओं को चंद्र दर्शन में परेशानी हुई। इसके बावजूद महिलाओं की आस्था और उत्साह में कमी नहीं आई। चांद के दीदार नहीं होने के बीच भी सुहागिनों ने श्रद्धापूर्वक करवाचौथ की परंपराओं का पालन किया।
सुबह से ही घरों में दिखी पर्व की रौनक
करवाचौथ को लेकर बौंसी क्षेत्र के विभिन्न घरों में सुबह से ही उत्सवी माहौल बना रहा। महिलाओं ने व्रत की तैयारी की, पारंपरिक परिधान पहने और पूजा की सामग्री तैयार की। दिनभर निर्जला उपवास रखने वाली महिलाओं ने शाम को विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने पति की दीर्घायु और

दांपत्य जीवन में प्रेम एवं विश्वास बनाए रखने की प्रार्थना की। करवाचौथ भारतीय परंपरा में सुहाग और दांपत्य प्रेम से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं पूरे विश्वास और समर्पण के साथ व्रत रखती हैं। चंद्र दर्शन और अर्घ्य की परंपरा इस पर्व का विशेष हिस्सा है।
मौसम की बाधा, लेकिन आस्था रही कायम
इस बार मौसम की स्थिति ने पर्व के पारंपरिक चंद्र दर्शन में बाधा उत्पन्न की। अर्नव तूफान के कारण चांद नजर नहीं आने से व्रत रखने वाली महिलाओं को इंतजार करना पड़ा। फिर भी महिलाओं ने अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-पाठ और धार्मिक परंपराओं को निभाया। स्थानीय स्तर पर पर्व के दौरान आस्था, पारिवारिक जुड़ाव और परंपरा का सुंदर संगम देखने को मिला। महिलाओं के लिए करवाचौथ केवल उपवास का दिन नहीं, बल्कि अपने जीवनसाथी के प्रति प्रेम, विश्वास और मंगलकामना व्यक्त करने का अवसर भी है। बौंसी प्रखंड में मौसम की चुनौती के बावजूद करवाचौथ का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। चांद दिखाई नहीं देने के बावजूद महिलाओं ने अपनी आस्था को सर्वोपरि रखा और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की।


BOUNSI NEWS: बौंसी में श्रद्धा







