समस्त हिंदू समाज के लिए प्रेरणा स्रोत थे संत रविदास

खगड़िया। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन गांधीनगर स्थित विहिप के जिला कोषाध्यक्ष मनीष गुप्ता के आवास पर किया गया।

इस अवसर पर विहिप के प्रांत सह विशेष संपर्क प्रमुख नितिन कुमार ने कहा कि भारत की धरती संतों और ऋषि-मुनियों की भूमि रही है। लाखों संतों ने अपने जीवन से हिंदू समाज को मजबूत किया है। उन्हीं में से एक महान संत गुरु रविदास थे, जिन्होंने समाज में समरसता और एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन संघर्ष और ईमानदारी की मिसाल है। विधर्मी आक्रांताओं ने उन्हें धन और जागीर का प्रलोभन दिया, परंतु उन्होंने अपने धर्म और मानवता के मूल्यों से समझौता नहीं किया। उन्हें कारावास में डालकर यातनाएं दी गईं और धर्म परिवर्तन का प्रयास किया गया, लेकिन वे अडिग रहे और मानवता को सबसे ऊपर बताया।

उन्होंने आगे कहा कि संत रविदास जूते बनाने के कार्य में इतने तल्लीन हो जाते थे जैसे स्वयं भगवान के लिए बना रहे हों। उन्होंने ईश्वर भक्ति के साथ-साथ सामाजिक और पारिवारिक दायित्वों का भी बखूबी निर्वहन किया। उनका जीवन समस्त हिंदू समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

विहिप के जिला कोषाध्यक्ष मनीष गुप्ता ने कहा कि संत रविदास की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। उनका प्रसिद्ध कथन “मन चंगा तो कठौती में गंगा” दर्शाता है कि मन की पवित्रता ही सच्ची तीर्थ यात्रा है। उन्होंने समाज में समरसता और जातिगत भेदभाव को समाप्त करने का संदेश दिया, जो आज के समय में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष नीरज गुप्ता, बजरंग दल जिला सह संयोजक अभिमन्यु, नगर मंत्री संजय सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने संत रविदास के विचारों को आत्मसात करने और समाज में एकता व समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया।

ब्यूरो रिपोर्ट— दैनिक बिहार पत्रिका

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