लहरिया गांव में चल रहे अवैध लकड़ी धंधे से हिला वन विभाग, पर्यावरण पर गंभीर खतरा—जिला पर्यावरण विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
आनंदपुर/बांका । जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र के लहरिया गांव में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब वनपाल चांदन की टीम ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक अवैध आरा मिल को जब्त कर लिया। कार्रवाई होते ही जंगल से अवैध लकड़ी कटाई का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार, लहरिया गांव में दो अवैध आरा मिल लंबे समय से संचालित हो रहे थे, जहां रात के अंधेरे में जंगलों से लायी गई कीमती लकड़ियों की कटाई कर बेधड़क कारोबार चलाया जा रहा था।
वन विभाग की टीम ने एक आरा मिल को मौके से जब्त कर लिया, लेकिन दूसरे मिल के संचालक की समय रहते मिली सूचना से वह बच निकला। वहीं वीडियो वायरल होते ही यह स्पष्ट हो गया है कि जंगल की कटाई एक संगठित और सुनियोजित तरीके से की जा रही थी।
पर्यावरण पर गंभीर असर, प्रशासन की चुप्पी से चिंता
तेज़ी से हो रही जंगल की कटाई से बांका जिले का पर्यावरण संतुलन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हरियाली घटने से न सिर्फ क्षेत्र के जलस्रोत और जलवायु पर असर पड़ रहा है, बल्कि वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास भी उजड़ रहा है।
पर्यावरण विभाग की चुप्पी सवालों के घेरे में
इस पूरे मामले में जिला पर्यावरण विभाग की निष्क्रियता और लापरवाही सबसे बड़ा सवाल बनकर उभर रही है। आखिर वर्षों से ये अवैध मिलें कैसे चल रही थीं और अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी? क्या विभाग सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सीमित रह गया है?
अब मांगी जा रही है उच्चस्तरीय जांच
स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि इन अवैध गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, और जिन अधिकारियों की लापरवाही से जंगलों का नुकसान हुआ है, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए।
यह सिर्फ लकड़ी की तस्करी नहीं, भविष्य की पीढ़ियों के पर्यावरण पर हमला है – और अब वक्त आ गया है कि जिम्मेदारों से सख्ती से जवाब मांगा जाए।
रिपोर्ट: कुमार चंदन, दैनिक बिहार पत्रिका
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
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