15 मार्च 2025 तक कार्य पूरा करने के निर्देश, अंचल अधिकारियों को सख्त चेतावनी
सुपौल। अपर समाहर्त्ता राशिद कलीम अंसारी की अध्यक्षता में सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों के साथ भू-अभिलेखों के अद्यतीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में ऑनलाइन दाखिल-खारिज, ऑनलाइन परिमार्जन प्लस और लगान संग्रहण जैसे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में एडीएम राशिद कलीम अंसारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विशेष सर्वेक्षण कार्यक्रम के तहत जमाबंदियों का परिमार्जन और डिजिटलीकरण अनिवार्य है। इसके लिए 15 मार्च 2025 की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की गई है। सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे शिविर आयोजित कर युद्ध स्तर पर कार्य को पूरा करें।
लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
एडीएम अंसारी ने सभी राजस्व और अंचल अधिकारियों से दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कार्य में कोई त्रुटि न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या कार्य में शिथिलता पाई गई, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भूमि अभिलेखों की पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास
राज्य सरकार इस कदम को भूमि अभिलेखों को पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास मान रही है। इससे नागरिकों को भूमि संबंधी मामलों में अनावश्यक परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।
बैठक में भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, श्री अली एकराम समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
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