2024 आधार वर्ष के साथ उपभोक्ताओं के बदलते खर्च पैटर्न को दर्शाएंगे नए आंकड़े
नई दिल्ली। भारत सरकार ने 2024 को आधार वर्ष मानते हुए नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) सीरीज जारी की है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि नई सीरीज लोगों के बदलते खर्च करने के तरीके को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करती है, जिससे महंगाई और गरीबी के आकलन अधिक सटीक हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि नए आंकड़े यह भी संकेत देते हैं कि लोगों की आय और उत्पादकता में वृद्धि हुई है।
नई सीरीज के अनुसार अब उपभोक्ता खाने-पीने की वस्तुओं पर अपेक्षाकृत कम और शिक्षा, स्वास्थ्य, यात्रा तथा इंटरनेट जैसी सेवाओं पर अधिक खर्च कर रहे हैं। नागेश्वरन ने कहा कि सटीक और अद्यतन आंकड़े सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक को बदलती आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप नीति निर्धारण में सहायता करेंगे।
जनवरी में देश की महंगाई दर 2.75 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 2.73 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 2.77 प्रतिशत रही। पुरानी सीरीज में दिसंबर 2025 तक खाद्य महंगाई नकारात्मक थी, जबकि नई सीरीज में इसे 2.1 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि नई पद्धति से ब्याज दर जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय मांग और आपूर्ति की स्थिति को बेहतर समझा जा सकेगा। नई सीरीज में खाद्य वस्तुओं का भारांश कम किया गया है, जिससे महंगाई के आंकड़ों में अनावश्यक उतार-चढ़ाव कम होने की संभावना है। इससे महंगाई भत्ता (डीए) और अन्य सरकारी व्यय, जो सीपीआई से जुड़े होते हैं, अधिक स्थिर और अनुमानित रहेंगे, जिससे बजट नियोजन भी आसान होगा।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने 2024 आधार वर्ष की नई सीपीआई सीरीज जारी की है। पहले जहां सीपीआई में छह प्रमुख समूह थे, वहीं अब इन्हें बढ़ाकर 12 भागों में विभाजित किया गया है ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप वर्गीकरण हो सके। यह अद्यतन ‘एचसीईएस 2023-24’ उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण के आधार पर किया गया है।
नई सीरीज में वस्तुओं की संख्या 299 से बढ़ाकर 358 कर दी गई है, जिनमें 308 वस्तुएं और 50 सेवाएं शामिल हैं। यह परिवर्तन स्पष्ट करता है कि उपभोक्ताओं के खर्च में सेवाओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
मंत्रालय के सचिव सौरभ गर्ग ने बताया कि अब सरकार हर पांच वर्ष में सीपीआई का आधार वर्ष संशोधित करने की योजना बना रही है। अगला उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण 2027-28 में प्रस्तावित है।
ब्यूरो रिपोर्ट, दैनिक बिहार पत्रिका
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
संपादक: कृष्णा टेकरीवाल मोबाइल: +91 9801716267 विश्वसनीयता और निष्पक्षता के साथ बिहार और देश की हर बड़ी खबर, राजनीति, अपराध, शिक्षा, खेल और मनोरंजन से जुड़े अपडेट। हमारी प्राथमिकता - जनहित और सच्चाई। जुड़ें और जानें, हर खबर सबसे पहले। वेबसाइट: www.dainikbiharbatrika.com ईमेल: dainikbiharpatrika@gmail.com







Users Today : 54
Users Yesterday : 32