
पीएम सूर्य घर योजना को बिहार में रफ्तार देने की पहल; अधिकतम ₹20 हजार की अतिरिक्त राज्य सहायता का प्रावधान, बांका से विधायक मनोज यादव और डीएम अंशुल अग्रवाल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े
बांका:- घर की छत को बिजली उत्पादन का जरिया बनाने वाले परिवारों को प्रोत्साहित करने के लिए बिहार में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को मंगलवार को नई रफ्तार मिली। राज्य के 25 हजार लाभार्थियों को राज्य सरकार की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित करने की शुरुआत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। बिहार में पात्र गैर-BPL लाभार्थियों के लिए राज्य की अतिरिक्त सहायता ₹10 हजार प्रति किलोवाट और अधिकतम ₹20 हजार तक बताई गई है। कार्यक्रम से बांका भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ा। इसमें बेलहर विधायक मनोज यादव, जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल, संबंधित अधिकारी और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लाभार्थी शामिल हुए।
सोलर लगाने का खर्च घटाने पर जोर
योजना का मकसद घरों की छत पर रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देकर परिवारों की पारंपरिक बिजली पर निर्भरता और बिजली खर्च कम करने में मदद करना है। बिहार में केंद्र और राज्य की सहायता को मिलाकर अलग-अलग क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर अनुदान का प्रावधान है। हाल की जानकारी के अनुसार तीन किलोवाट तक के सिस्टम पर कुल सहायता ₹98 हजार तक पहुंच सकती है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के लाभार्थियों से संवाद किया और योजना के क्रियान्वयन तथा उन्हें मिल रहे लाभ की जानकारी ली। उन्होंने बिहार के लोगों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
31 मार्च 2027 तक अतिरिक्त लाभ का मौका
योजना के मौजूदा प्रावधानों के तहत बिहार में राज्य सरकार की अतिरिक्त अनुदान सहायता का लाभ लेने के लिए 31 मार्च 2027 की समयसीमा बताई गई है। ऐसे में आने वाले महीनों में अधिक से अधिक घरों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने पर जोर रहेगा। सौर ऊर्जा से उपभोक्ता अपनी जरूरत की बिजली का उत्पादन कर सकते हैं, जिससे बिजली बिल में कमी के साथ स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलता है।
बांका में भी योजना की रफ्तार बढ़ाने पर नजर
बांका से जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और लाभार्थियों के कार्यक्रम से जुड़ने के साथ जिले में भी योजना के विस्तार पर फोकस है। अब चुनौती पात्र परिवारों तक योजना की सही जानकारी पहुंचाने, आवेदन से लेकर सोलर अधिष्ठापन की प्रक्रिया को सुगम बनाने और निर्धारित समय के भीतर अधिक उपभोक्ताओं को इससे जोड़ने की होगी।
ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की भी तैयारी
कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। राज्य सरकार की ओर से आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा के साथ अन्य बिजली उत्पादन परियोजनाओं के विस्तार की दिशा में काम किए जाने की बात कही गई। बिहार सरकार पहले भी रूफटॉप सोलर का दायरा बड़े स्तर पर बढ़ाने का लक्ष्य रख चुकी है। मुख्यमंत्री ने जून 2026 में ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान राज्य में लाखों परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने के लिए व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया था। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के मौजूदा अभियान का फोकस इसलिए केवल सोलर पैनल लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि घर की छत से बिजली उत्पादन, परिवार के बिजली खर्च में कमी और स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने पर है।










