
रिपोर्ट:- उमाकांत पोद्दार।
चांदन/बांका:- चांदन प्रखंड के कुसुम जोरी पंचायत अंतर्गत ज्ञान भवन करवामारन में माता सावित्री बाई माता समिति, चांदन के नेतृत्व में पोषण मेला आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य गरीब, दलित एवं आदिवासी परिवारों में कुपोषण के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था।मेले में पटना से पहुंचीं महिला समन्वयक सोनी कुमारी एवं वीरेंद्र कुमार ने खाद्य सुरक्षा एवं पोषण के अधिकार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत पात्र परिवारों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना जरूरी है। संविधान के अनुच्छेद 47 के तहत पोषण स्तर में सुधार राज्य का दायित्व है।कार्यक्रम की संयोजक सुनीता देवी ने क्षेत्र के कई परिवारों के राशन कार्ड बिना सूचना हटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो रही है। संस्था प्रमुख महेंद्र कुमार रौशन ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए केवल अनाज ही नहीं, बल्कि संतुलित और पोषणयुक्त आहार जरूरी है।मेले में आंगनबाड़ी सेविकाओं ने मोटे अनाज, हरी सब्जी, दाल एवं स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग की जानकारी दी। गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों के लिए संतुलित आहार के महत्व को भी बताया गया।कार्यक्रम में रंजन कुमार दास, अनिल कुमार दास, रूबी कुमारी, दिलीप कुमार दास समेत अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं महिला नेतृत्वकर्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि महुआ, मक्का, कुर्थी, सहजन, ओल, करौंदा, बेर, अमरूद, पपीता सहित कई पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ गांवों में आसानी से उपलब्ध हैं।मेले में चुकंदर, मूंगफली, नारियल, विभिन्न दाल, मशरूम, महुआ लड्डू, मरुआ आटा, करेला, कद्दू, बादाम, सेब, केला, नेनुआ और झींगा सहित फल एवं सब्जियों का प्रदर्शन कर उनके उपयोग एवं पोषण संबंधी लाभ बताए गए।मेले में सैकड़ों युवतियों एवं महिलाओं ने भाग लिया और “सही पोषण, देश रोशन” का नारा लगाया। अंत में सभी ने कुपोषण मुक्त चांदन बनाने का संकल्प लिया।


CHANDAN NEWS: चांदन में पोषण








