
बागमती का जलस्तर 37.40 मीटर और कोसी का 35.24 मीटर, छह प्रखंडों में प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
दैनिक बिहार पत्रिका। खगड़िया। जिले में बागमती एवं कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी के साथ पूर्व तैयारियों और त्वरित प्रतिक्रिया की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। नदी के जलस्तर, तटबंधों और संभावित प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

वर्तमान में बागमती नदी का जलस्तर 37.40 मीटर है, जो उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) से 1.53 मीटर नीचे है। वहीं, कोसी नदी का जलस्तर 35.24 मीटर है, जो HFL से 1.16 मीटर नीचे है। पिछले 12 घंटे में बागमती के जलस्तर में 18 सेंटीमीटर तथा कोसी के जलस्तर में 14 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि की दर में कमी आई है।

बाढ़ की आशंका को देखते हुए संबंधित पदाधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण कर बाढ़ प्रभावित एवं संभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करने को कहा गया है। सभी बाढ़ संभावित पंचायतों में संध्या चौपाल आयोजित कर स्थानीय लोगों से संवाद किया जा रहा है और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली जा रही है। तटवर्ती एवं बाढ़ संभावित क्षेत्रों में माइकिंग के माध्यम से लोगों को आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
पशुओं की सुरक्षा और राहत व्यवस्था को लेकर संबंधित टीमें प्रभावित क्षेत्रों में कैंप मोड में भ्रमण कर रही हैं। वहीं, बाढ़ संभावित क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं, विशेषकर जिनका प्रसव निकट है, से संपर्क स्थापित किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाया जा सके।
जिला नियंत्रण कक्ष द्वारा प्रतिदिन संबंधित मुखिया एवं वार्ड सदस्यों से दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर क्षेत्र की बाढ़ की स्थिति और स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली जा रही है। अंचल एवं अनुमंडल स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं, ताकि प्राप्त सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
28 सितंबर को बागमती एवं कोसी नदी से संभावित रूप से प्रभावित अलौली, बेलदौर, चौथम, गोगरी, मानसी एवं खगड़िया प्रखंडों में जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर वर्तमान स्थिति, आगामी तैयारियों और त्वरित प्रतिक्रिया की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। जिला स्तर पर भी प्रखंड, अनुमंडल एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ की स्थिति एवं प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की गई।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता के लिए नावों का परिचालन किया जा रहा है। खगड़िया प्रखंड के उत्तर मारर पंचायत अंतर्गत रसौंक बांध के वार्ड संख्या 09 एवं 10 से तीन गछिया तक नाव चल रही है। वहीं वार्ड संख्या 10 के रसौंक घाट से सहूरी तक दो नावों का परिचालन किया जा रहा है। बेलदौर प्रखंड की कैंजरी पंचायत में कैंजरी पश्चिम पार से पूर्वी पार बांध तथा कदवा वासा से महाजन वासा तक भी नावों का परिचालन किया जा रहा है।
28 सितंबर से अलौली एवं मानसी प्रखंड में तीन-तीन अतिरिक्त नावों का परिचालन शुरू किया गया है। अलौली में मझवारी से मोहरघाट काली स्थान, हथवन से चेराखेड़ा तथा उत्तरी बहुवारा से दक्षिणी बहुवारा तक नाव चल रही है। मानसी में हियातपुर घाट से डोहवा घाट, डोमी सदा घर से चलितार सदा घर तथा चकला मुशहरी घाट से हियातपुर घाट तक नावों का परिचालन किया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त नावों का परिचालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
राहत एवं भोजन व्यवस्था के लिए अलौली में 28 सामुदायिक रसोई केंद्र एवं चार राहत शिविर, चौथम में 18 सामुदायिक रसोई केंद्र एवं दो राहत शिविर तथा बेलदौर में 20 सामुदायिक रसोई केंद्र एवं एक राहत शिविर के स्थल चिह्नित किए गए हैं। सभी चिह्नित सामुदायिक रसोई केंद्रों एवं राहत शिविरों का भौतिक सत्यापन भी पूरा कर लिया गया है।
पशुओं की सुरक्षा एवं राहत के लिए अलौली में आठ, बेलदौर में चार तथा चौथम में पांच पशु राहत शिविर चिह्नित किए गए हैं। प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति में पशुओं के लिए भी आवश्यक व्यवस्था तैयार रखने पर जोर दिया है।
जिले के सभी तटबंधों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। संबंधित अभियंताओं एवं तटबंध रक्षकों द्वारा 24 घंटे गश्ती एवं निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की क्षति अथवा संभावित समस्या का पता चलते ही तत्काल कार्रवाई की जा सके।
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी, सतत निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित राहत व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। नागरिकों एवं पशुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता तथा प्रभावित क्षेत्रों तक समय पर आवश्यक सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। स्थिति के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।


Khagaria News: बाढ़ की संभावित




