खगड़िया/परबत्ता प्रखंड क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परबत्ता (सीएचसी) में प्रसव के लिए भर्ती कराई गई एक प्रसूता को निजी नर्सिंग होम ले जाने का मामला गुरुवार को सामने आया है। मामले के बाद प्रसूता के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। वहीं, सीएचसी से निजी नर्सिंग होम तक प्रसूता को ले जाने में आशा कार्यकर्ता की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जाता है कि प्रखंड क्षेत्र से आई प्रसूता को गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे प्रसव के लिए परबत्ता सीएचसी में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उसे प्रसव वार्ड में ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि आशा कार्यकर्ता मीणा कुमारी ने चिकित्सक की लिखित सलाह के बिना प्रसूता का अल्ट्रासाउंड कराया। इसके बाद प्रसूता को परबत्ता प्रखंड स्थित तोरण द्वार के समीप एक निजी नर्सिंग होम में ले जाकर भर्ती कराया गया।
इधर, सीएचसी में तैनात चिकित्सक के अनुसार प्रसूता को अस्पताल से रेफर नहीं किया गया था। उसे प्रसव के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया था। ऐसे में प्रसूता के निजी नर्सिंग होम पहुंचने को लेकर आशा कार्यकर्ता की भूमिका चर्चा में आ गई है।
जब प्रसूता के परिजनों को उसे निजी नर्सिंग होम ले जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने सीएचसी के अस्पताल प्रबंधक नितेश अभिजात को पूरे मामले की जानकारी दी और प्रसूता को वापस सीएचसी लाने की बात कही। इसके बाद परिजन जब निजी नर्सिंग होम पहुंचे तो वहां प्रसूता नहीं मिली। बताया गया कि आशा कार्यकर्ता ने प्रसूता को वहां से उसके घर भेज दिया था। परिजनों के पहुंचने पर निजी नर्सिंग होम में केवल आशा कार्यकर्ता मौजूद थी।
मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन से जानकारी ली गई है। प्रसूता को बिना चिकित्सकीय रेफरल के निजी नर्सिंग होम ले जाने के आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








