
बांका:- बांका समाहरणालय सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में कमजोर और वंचित वर्गों से जुड़ी योजनाओं से लेकर सामाजिक सुरक्षा, राजस्व, सरकारी जमीन, आधारभूत संरचनाओं के लिए भूमि उपलब्धता, नीलाम पत्र वाद और मीडिया में प्रकाशित खबरों पर कार्रवाई तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों की गहन समीक्षा की गई।
लंबित आवेदनों पर डीएम ने दिखाई सख्ती
बैठक की शुरुआत संत रविदास विकास शिविर से प्राप्त आवेदनों की स्थिति की समीक्षा से हुई। अधिकांश आवेदनों का निष्पादन हो चुका है, लेकिन कुछ आवेदन अभी भी लंबित पाए गए। इस पर डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शेष आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभुक सरकारी योजनाओं से वंचित न रहें।
UDID कार्ड के लिए विशेष शिविर
दिव्यांगजनों को पहचान पत्र और सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए UDID कार्ड निर्माण की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को प्रखंडवार नया रोस्टर तैयार कर विशेष शिविर आयोजित करने और योग्य लाभुकों के लंबित कार्ड बनाने का निर्देश दिया।
पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण मिशन मोड में
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के जीवन प्रमाणीकरण की स्थिति भी बैठक में जांची गई। डीएम ने सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा और सभी बीडीओ को कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में काम करने को कहा। लंबित मामलों का भौतिक सत्यापन कर पोर्टल पर प्रमाणीकरण पूरा कराने का निर्देश दिया गया, ताकि पात्र पेंशनधारियों की पेंशन प्रभावित न हो।

सरकारी जमीन से अवैध जमाबंदी हटाने पर जोर
सरकारी भूमि पर कायम अवैध जमाबंदी के रद्दीकरण प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। सभी अंचल अधिकारियों को पंचायत सरकार भवन, स्वास्थ्य उपकेंद्र और कन्या या युवा मंडप के निर्माण के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि चिह्नित कर अनापत्ति और हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया।
नीलाम पत्र वादों में तेजी, दो अधिकारियों से स्पष्टीकरण
सरकारी बकाया राशि की वसूली के लिए सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को अक्टूबर और नवंबर में नियमित रूप से न्यायालय संचालित करने का निर्देश दिया गया। वहीं कम नोटिस जारी करने और अपेक्षित रुचि नहीं लेने के मामले में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी एवं जिला सहकारिता पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया। वरीय नीलाम पत्र पदाधिकारी शंभू कुमार पटेल को नोटिस और वारंट के तामिला की नियमित समीक्षा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई।
नकारात्मक खबरों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
समाचार पत्रों और मीडिया में प्रकाशित नकारात्मक खबरों पर कुछ विभागों की ओर से गुणवत्तापूर्ण प्रतिवेदन नहीं देने पर डीएम ने नाराजगी जताई। सिविल सर्जन के प्रस्तुत प्रतिवेदन पर असंतोष व्यक्त करते हुए उसे ठोस अनुपालन रिपोर्ट के साथ दोबारा भेजने का निर्देश दिया गया। सभी विभागों को कहा गया कि नकारात्मक खबरों को तुरंत संज्ञान में लें, आवश्यक कार्रवाई करें और प्रतिदिन रिपोर्ट जिला जनसंपर्क कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
13 अक्टूबर के शिविर को लेकर भी निर्देश
आगामी 13 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित राज्य सहयोग सेवा शिविर के लिए चयनित मामलों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निष्पादन समय से पहले करने का निर्देश दिया गया। जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के लंबित मामलों का भी अगली बैठक से पहले अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में विकासात्मक और प्रशासनिक मामलों की निगरानी के लिए जिम्मेदारियां डीडीसी और एडीएम के बीच बांटने के बाद दोनों वरीय अधिकारियों को अपने-अपने मामलों की नियमित मॉनिटरिंग का निर्देश भी दिया गया।
डीएम का स्पष्ट संदेश
बैठक के अंत में डीएम अंशुल अग्रवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि संत रविदास विकास शिविर, दिव्यांगजन सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाएं समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों से जुड़ी हैं। इनके निष्पादन में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता, समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने की अपेक्षा जताई।










