
बांका:- सरकारी दफ्तरों तक आम लोगों की पहुंच आसान बनाने और शिकायतों के त्वरित समाधान की दिशा में बांका जिला प्रशासन ने एक और कदम बढ़ाया है। बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के सातवें निश्चय “सबका सम्मान–जीवन आसान” के तहत सोमवार को समाहरणालय के मिनी सभागार में आमजनों की समस्याओं की सुनवाई की गई।
डीएम ने खुद सुनीं लोगों की समस्याएं
जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित सुनवाई के दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याओं और शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। इस दौरान कुल 29 आवेदकों ने अपनी फरियाद प्रशासन के सामने रखी। डीएम ने एक-एक मामले की जानकारी लेते हुए संबंधित विभाग और पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन की कोशिश रही कि शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके समाधान की प्रक्रिया भी तुरंत शुरू हो।
कुछ मामलों का मौके पर ही समाधान
जनसुनवाई के दौरान कई मामलों का समाधान तत्काल कर दिया गया। वहीं जिन शिकायतों के लिए विभागीय स्तर पर जांच या अन्य प्रक्रिया आवश्यक थी, उनके त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू कर दी।

प्रखंड से जिला स्तर तक खुला रहा शिकायत का रास्ता
खास बात यह रही कि केवल समाहरणालय में ही नहीं, बल्कि जिले के सभी जिला स्तरीय और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने कार्यालयों में मौजूद रहकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना और संबंधित अधिकारी तक सीधे अपनी बात पहुंचाने का अवसर देना है।
दो निर्धारित कार्य दिवसों में मौजूद रहेंगे अधिकारी
जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित दोनों कार्य दिवसों में वे अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहें और आमजनों की समस्याओं की सुनवाई करें। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने का निर्देश दिया।
समयबद्ध सेवा से मजबूत होगा भरोसा
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। जब आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा और उनका समाधान निर्धारित समय में होगा, तो प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत होगा। फिलहाल 29 आवेदनों की सुनवाई के बाद संबंधित विभागों में कार्रवाई शुरू हो चुकी है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि लंबित शिकायतों का समाधान कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ किया जाता है।










