
15 अक्टूबर तक भुगतान करने की दी गई थी चेतावनी, समय सीमा बीतने के बाद भी नहीं मिली राशि; वेंडरों ने रोकी खाद्यान्न आपूर्ति
रिपोर्ट:- उमाकांत पोद्दार।
चांदन/बांका:- चांदन प्रखंड में मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) की राशि लंबित रहने से विद्यालयों में भोजन का संचालन प्रभावित हो गया है। पिछले छह माह से भुगतान नहीं होने के कारण खाद्यान्न विक्रेताओं ने विद्यालयों को राशन देना बंद कर दिया है। इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को पहले ही अल्टीमेटम जारी किया गया था। इसके बावजूद 15 अक्टूबर 2026 तक भुगतान नहीं होने से अब विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के संचालन पर संकट गहरा गया है।इस संबंध में एमडीएम आरपी चांदन की ओर से जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना, बांका को पत्र भेजकर लंबित राशि के भुगतान की मांग की गई थी। पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि 15 अक्टूबर तक विक्रेताओं को बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो मध्याह्न भोजन योजना का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी भुगतान नहीं होने से शिक्षकों की परेशानी बढ़ गई है।शिक्षकों ने बताया कि बकाया राशि नहीं मिलने के कारण खाद्यान्न विक्रेता अब विद्यालयों को अनाज देने से इनकार कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन का राशन कहां से लाया जाए, यह बड़ा सवाल बन गया है। शिक्षकों के अनुसार, वे अब तक अपने वेतन से आपस में कुछ राशि मिलाकर किसी तरह एमडीएम का संचालन कर रहे थे। लेकिन अब उनका वेतन भी रुक जाने से आर्थिक परेशानी बढ़ गई है। शिक्षकों का कहना है कि जब विक्रेता बकाया भुगतान के बिना राशन देने को तैयार नहीं हैं, तो वे अपने स्तर से कब तक योजना चलाते रहेंगे।

अंडे की दर को लेकर भी उठे सवाल
एमडीएम संचालन में अंडे की दर को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। संबंधित पत्र में कहा गया है कि बाजार में एक अंडे की कीमत करीब आठ रुपये है, जबकि विभाग की ओर से मात्र पांच रुपये प्रति अंडा की दर से राशि दी जाती है। शिक्षकों के अनुसार, बाजार मूल्य और विभागीय दर में अंतर रहने से भी योजना के संचालन में परेशानी होती है। अंडे की दर बाजार मूल्य के अनुरूप नहीं होने से बच्चों को अंडा उपलब्ध कराना भी मुश्किल हो सकता है।
अल्टीमेटम के बावजूद भुगतान नहीं, मध्यान भोजन व्यवस्था पर संकट
लंबित भुगतान को लेकर पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी कि 15 अक्टूबर तक राशि नहीं मिलने पर मध्याह्न भोजन योजना का संचालन बंद कर दिया जाएगा। इसके बावजूद भुगतान नहीं होने से विद्यालयों में भोजन व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आई है। शिक्षकों ने विभाग से अविलंब बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की है, ताकि विक्रेताओं से खाद्यान्न की आपूर्ति दोबारा शुरू हो सके और बच्चों को नियमित भोजन मिल सके।इस मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अवनीश कुमार ने बताया कि उन्हें इस विषय में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।








