
रिपोर्ट:- उमाकांत पोद्दार।
चांदन/बांका:- जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन को गति देने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति ने आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिले के चार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अधिकतम पांच-पांच आशा कार्यकर्ताओं को टैग किया जाएगा।जिला स्वास्थ्य समिति, बांका की ओर से जारी पत्र में भारत सरकार की संचालन संबंधी गाइडलाइन का हवाला देते हुए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया है। इसमें रेफरल अस्पताल अमरपुर एवं बौंसी तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलहर एवं चांदन के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र की पांच-पांच आशा कार्यकर्ताओं को चिह्नित कर सूची तैयार करने और टैगिंग की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।इस व्यवस्था के तहत आशा कार्यकर्ता गांवों से लोगों को योग सत्र, आयुर्वेद परामर्श और प्रकृति परीक्षण के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक लाने में सहयोग करेंगी। इसके अलावा औषधीय पौधों के उपयोग, योगाभ्यास और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी भी निभाएंगी। आशा कार्यकर्ता साप्ताहिक आयुर्वेद क्लीनिक के संचालन तथा उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी गैर-संचारी बीमारियों की जांच में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और एएनएम का सहयोग करेंगी। साथ ही केंद्र पर आने वाले लाभार्थियों का फॉलोअप करने और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने में टीम के साथ काम करेंगी।इस कार्य के लिए आशा कार्यकर्ताओं को नियमानुसार अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान है। जारी जानकारी के अनुसार, निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत टीम आधारित प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत एएनएम के साथ कार्य करने पर आशा कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये तक अतिरिक्त प्रोत्साहन मिल सकता है। यह राशि उनके निश्चित मासिक मानदेय और अन्य प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन से अलग होगी।सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति, बांका की ओर से जारी इस निर्देश का उद्देश्य आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।




