
मानझगंय डरपा पंचायत में डीएम अंशुल अग्रवाल ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा; आवास की चाबी से राशन-श्रम कार्ड तक बांटे, जीविका दीदियों को ₹19.30 करोड़ का डमी चेक
रजौन/बांका:- सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूरदराज के ग्रामीणों को जिला या प्रखंड मुख्यालय तक बार-बार नहीं जाना पड़े, इसके लिए प्रशासन अब पंचायतों तक पहुंच रहा है। मंगलवार को जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने रजौन प्रखंड की मानझगंय डरपा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण किया और विभागीय स्टॉलों पर उपलब्ध सेवाओं से लेकर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन तक की स्थिति की समीक्षा की। डीएम ने कहा कि जिला मुख्यालय से दूर स्थित पंचायतों का चयन कर सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे पात्र व्यक्ति तक पहुंच सके।

एक ही शिविर में कई योजनाओं का मिला लाभ
सहयोग शिविर में डीएम ने विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को लाभान्वित किया। चार लाभुकों को जन्म प्रमाण पत्र, दो को आवास योजना के तहत घर की चाबी, दो को श्रम कार्ड और दो लाभुकों को जी-राम-जी योजना से संबंधित लाभ प्रदान किया गया। इसके अलावा तीन लाभुकों को राशन कार्ड दिए गए। जीविका दीदियों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत ₹19 करोड़ 30 लाख का डमी चेक भी वितरित किया गया।

आवेदन मिलते ही उसी दिन पोर्टल पर होगी एंट्री
डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिविर में मिलने वाले हर आवेदन की ऑनलाइन प्रविष्टि उसी दिन सहयोग पोर्टल पर अनिवार्य रूप से की जाए। इससे आवेदन की लगातार निगरानी के साथ उसके समयबद्ध निष्पादन की स्थिति भी देखी जा सकेगी। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि अपनी पात्रता के अनुसार विभागीय काउंटरों पर आवेदन करें और समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारियों के सामने रखें।

तीन जर्जर स्कूलों का होगा कायाकल्प
शिविर में बताया गया कि कायाकल्प योजना के तहत रजौन प्रखंड के तीन जर्जर विद्यालयों को चिह्नित किया गया है। इनकी प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कर विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं भागलपुर-हंसडीहा मुख्य सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत को लेकर डीएम ने बताया कि जिला प्रशासन और राष्ट्रीय उच्च पथ के पदाधिकारियों के बीच समन्वय से कार्रवाई की जा रही है। अक्टूबर से मरम्मत कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
आंगनबाड़ी से पंचायत सरकार भवन तक निगरानी
रजौन में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। निजी मकानों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने तथा जमीन की समस्या वाले स्थानों पर अंचलाधिकारी से समन्वय कर भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया। कार्यक्रम स्थल के पास निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन का भी जायजा लिया गया। डीएम ने निर्माण को विभागीय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने और नियमित निगरानी का निर्देश दिया। सहयोग शिविर का संदेश साफ रहा—लोग योजनाओं के पीछे कार्यालयों का चक्कर न लगाएं, बल्कि प्रशासन गांव तक पहुंचकर पात्र लोगों को उनका हक और समस्याओं का समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराए।


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