
दैनिक बिहार पत्रिका ,भागलपुर। जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना के विरोध में मंगलवार को जिला महिला कांग्रेस सहित कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यकर्ताओं ने भागलपुर समाहरणालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर घटना के विरोध में अपना आक्रोश जताया। बिहार कांग्रेस ने 22 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया था।

प्रदर्शन की शुरुआत पूर्व विधायक अजीत शर्मा के निवास स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय से जुलूस के रूप में हुई। जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए कचहरी चौक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमुई की घटना में शामिल आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नाबालिग छात्रा से जुड़ी घटना ने राज्य में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार से मामले में दोषियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
पुलिस के अनुसार, जमुई में 19 सितंबर की शाम को कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग छात्र और छात्रा को एक समूह ने कथित तौर पर रास्ते में रोककर उनके साथ दुर्व्यवहार किया था। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और एसआईटी का गठन किया गया। 22 सितंबर तक मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी।
कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री से जवाबदेही की मांग करते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी उठाई। यह मांग कांग्रेस के राजनीतिक विरोध के रूप में सामने आई है; इसे तथ्य के रूप में नहीं बल्कि प्रदर्शन के दौरान नेताओं की मांग के रूप में देखा जाना चाहिए।
प्रदर्शन में बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि डॉ. अभय आनंद, सोइन अंसारी, जिला महिला कांग्रेस की समन्वयक ज्योति देवी, मीनाक्षी रॉयल, पूजा पांडेय, नूरी खानम, खुशबू देवी सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट: अभिषेक अग्रवाल, भागलपुर











