
शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिले प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन, अनुभव के आधार पर रोजगार में समायोजन की मांग
दैनिक बिहार पत्रिका, पटना। बिहार में बंद पड़े बाल श्रमिक विशेष विद्यालयों में पूर्व में कार्यरत रहे शिक्षकों और कर्मचारियों ने अब अपने समायोजन की मांग तेज कर दी है। इसी मांग को लेकर 24 सितंबर 2026 को संबंधित शिक्षक एवं कर्मचारी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया और ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल की ओर से कहा गया कि बिहार के विभिन्न जिलों में संचालित बाल श्रमिक विशेष विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों ने लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। इन विद्यालयों के माध्यम से बाल श्रमिक बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया। शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपने कार्यकाल के दौरान बच्चों की शिक्षा और उनके शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का दावा किया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि इन विद्यालयों के बंद हो जाने के बाद वहां कार्यरत रहे कई शिक्षक और कर्मचारी रोजगार से वंचित हो गए हैं। लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद विद्यालय बंद होने के बाद उनके सामने रोजगार और भविष्य को लेकर कठिन परिस्थितियां उत्पन्न हो गई हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से मांग की है कि बाल श्रमिक विशेष विद्यालयों में पूर्व में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के अनुभव तथा उनकी दीर्घकालीन सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनके समायोजन की दिशा में ठोस पहल की जाए। उनका कहना है कि वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले इन शिक्षकों और कर्मचारियों के अनुभव का उपयोग शिक्षा व्यवस्था में किया जा सकता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले को लेकर समग्र शिक्षा अभियान और शिक्षा विभाग के स्तर पर पूर्व में पत्राचार किया जा चुका है। प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखते हुए सरकार से इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है।
अब शिक्षकों और कर्मचारियों की इस मांग पर सरकार एवं शिक्षा विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर संबंधित कर्मियों की नजर बनी हुई है।








