
खगड़िया/परबत्ता प्रखंड क्षेत्र के नगर पंचायत अंतर्गत उच्च विद्यालय कन्हैयाचक के पीछे कन्हैयाचक गांव की ओर जाने वाली सड़क के किनारे बने गड्ढे में भारी मात्रा में सिरप और टैबलेट फेंके मिलने का मामला सामने आया है। दवाइयों के इस तरह खुले में फेंके मिलने से इलाके में चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों के अनुसार दवाइयां शनिवार को ही वहां फेंकी गई थीं। हालांकि, सोमवार देर सुबह दवाइयां फेंकी होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया।
मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हलचल हुई। परबत्ता सीएचसी प्रभारी डॉ. कशिश ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। इसके बाद कर्मियों को मौके पर भेजकर वहां पड़ी सभी दवाइयों को उठवा लिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है और जांच पूरी होने के बाद जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
गौरतलब है कि परबत्ता क्षेत्र में सरकारी दवाओं के खुले स्थानों पर फेंके मिलने का मामला पहली बार सामने नहीं आया है। वर्ष 2012 में नया आवास रूपौली के केला बागान के समीप कचरे या झाड़ियों के पास दवाइयां मिलने की बात सामने आई थी। वर्ष 2016 में सीएचसी परबत्ता परिसर के कचरे के ढेर में भारी मात्रा में जरूरी दवाएं मिलने का मामला सामने आया था।
इसके बाद 3 अप्रैल 2025 को प्राथमिक विद्यालय मोजाहिदपुर के समीप गड्ढे में भारी मात्रा में सरकारी दवाएं मिली थीं। वहीं 8 अप्रैल 2025 को उदयपुर में भी गड्ढे में फेंकी हुई सरकारी दवाएं बरामद होने की सूचना सामने आई थी।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से सरकारी दवाओं के भंडारण, वितरण और निस्तारण की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि दवाइयां वहां किस परिस्थिति में पहुंचीं और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।










