
रिपोर्ट:- उमाकांत पोद्दार।
चांदन/बांका:- चांदन प्रखंड अंतर्गत सुईया स्थित एस.एस.बी.एस.एम.जी. हाई स्कूल में सोमवार को ‘मेरे सपनों का भारत : 2047 में कैसा हो भारत’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अतिथियों ने वर्ष 2047 के भारत की परिकल्पना को लेकर अपने-अपने विचार रखे।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश यादव एवं भाजपा नेता तथा युवा मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष रामरंजन कुमार उर्फ गोलू बरनवाल शामिल हुए। मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश यादव ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना देखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि देश के विकास की मजबूत नींव शिक्षित और जागरूक नागरिकों से ही तैयार होगी। वहीं भाजपा नेता रामरंजन कुमार उर्फ गोलू बरनवाल ने कहा कि मेरा सपना है कि वर्ष 2047 में जब हमारा देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करे, तब भारत एक विकसित, आत्मनिर्भर, शिक्षित, स्वच्छ और मजबूत राष्ट्र बने। मेरे सपनों का भारत ऐसा हो, जहां

हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, हर युवा को रोजगार और आगे बढ़ने का अवसर मिले, हर किसान खुशहाल हो और प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। भारत को विकसित बनाने के लिए विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, उद्योग और कृषि के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ना होगा।विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रवीण सर ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण की रक्षा करना भी जरूरी है। केवल सरकार के प्रयासों से विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी, तभी वर्ष 2047 के विकसित भारत का सपना साकार होगा।इस दौरान शाहिद इकबाल सर एवं प्रदीप सर ने भी अपने विचार रखते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रहित के प्रति जागरूक किया। परिचर्चा में छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने कहा कि विद्यार्थी के रूप में उनका कर्तव्य है कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, अनुशासन बनाए रखें, मेहनत करें और देश के प्रति ईमानदार रहें। उन्होंने वर्ष 2047 में भारत को विकसित, शिक्षित, स्वच्छ, आत्मनिर्भर और मजबूत राष्ट्र के रूप में देखने की इच्छा व्यक्त की।कार्यक्रम में अतिथियों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की परिचर्चा से बच्चों में देश के भविष्य को लेकर जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। मौके पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


CHANDAN NEWS: मेरे सपनों का








