
निजी आवास और किराये के मकान में संचालित केंद्रों को सरकारी भवनों में शिफ्ट करने की कार्रवाई तेज, सीओ ने सेविका को दिया सख्त निर्देश
रिपोर्ट:- उमाकांत पोद्दार।
चांदन/बांका:- भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्रों का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सरकारी भवनों को अतिक्रमण मुक्त कराकर उनमें केंद्र संचालित करने की पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर चांदन प्रखंड की चांदवारी पंचायत अंतर्गत लहरनिया गांव स्थित सामुदायिक भवन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। अब इस सामुदायिक भवन में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 61 का संचालन किया जाएगा। वहीं, विभागीय आदेश प्राप्त होने के बाद भविष्य में यहां आंगनबाड़ी केंद्र के लिए नए भवन का निर्माण भी कराया जा सकता है।इस संबंध में चांदन के प्रभारी अंचल अधिकारी प्रशांत शांडिल्य, बीपीआरओ अवनीश कुमार और मुखिया प्रतिनिधि नरेश यादव ने लहरनिया गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 61 का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र के वर्तमान संचालन की स्थिति और सामुदायिक भवन पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत को लेकर जानकारी ली गई। प्रशासन की पहल का मुख्य उद्देश्य भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को निजी आवास या किराये के मकान के बजाय उपयुक्त सरकारी भवनों में संचालित करना है, ताकि बच्चों को निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराने में परेशानी नहीं हो।
सीओ ने बताया, सामुदायिक भवन में तत्काल चलेगा केंद्र
प्रभारी अंचल अधिकारी प्रशांत शांडिल्य ने बताया कि लहरनिया गांव स्थित सामुदायिक भवन पर ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण किए जाने की शिकायत मिली थी। जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश के आलोक में सामुदायिक भवन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की गई है, ताकि वहां आंगनबाड़ी

केंद्र संख्या 61 का संचालन किया जा सके। उन्होंने बताया कि तत्काल इस सामुदायिक भवन में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किया जाएगा। विभागीय आदेश प्राप्त होने के बाद वहां आंगनबाड़ी केंद्र के लिए नए भवन का निर्माण कराया जा सकता है।
निजी आवास पर केंद्र चलाने से किया मना
निरीक्षण के दौरान सीओ प्रशांत शांडिल्य ने आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका मीना भारती को सख्त निर्देश दिया कि केंद्र का संचालन अपने निजी आवास पर नहीं करें। केंद्र निर्धारित सरकारी भवन में ही संचालित किया जाना है। प्रशासन का प्रयास है कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है, उन्हें पंचायत भवन, सामुदायिक भवन अथवा अन्य उपयुक्त सरकारी संस्थानों में स्थान उपलब्ध कराया जाए।
भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों में शिफ्ट करने की तैयारी
जिला प्रशासन की इस पहल के तहत निजी आवास या किराये के मकान में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने की दिशा में कार्रवाई तेज की जा रही है। सरकारी भवनों पर अतिक्रमण या अन्य बाधाओं के कारण केंद्रों के संचालन में आ रही समस्याओं को दूर करने पर जोर दिया जा रहा हैआंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों में संचालित करने से बच्चों को पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और अन्य निर्धारित सेवाएं उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी। लहरनिया गांव में सामुदायिक भवन को अतिक्रमण मुक्त कराकर आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन के लिए उपलब्ध कराना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








