
खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार सुबह हुई कार्रवाई, वैकल्पिक रास्ते से सफर में आधा घंटा की जगह डेढ़ घंटे लग रहे; किराया ₹50 से बढ़कर ₹100
बौंसी/बांका। बिहार और झारखंड को जोड़ने वाले भलजोर पुल की जर्जर स्थिति को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद आखिरकार विभाग ने कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह पुल के दोनों ओर पत्थर लगाकर बैरिकेडिंग कर दी गई और भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। पुल की खराब स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाए गए इस कदम से संभावित खतरे को रोकने की कोशिश की गई है। वहीं, पुल के समीप वैकल्पिक डायवर्सन बनाने का काम भी तेज किया गया है। हालांकि, भारी वाहनों पर रोक के बाद सुरक्षा को लेकर कदम तो उठाया गया है, लेकिन आम यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। अब लोगों की निगाहें डायवर्सन के निर्माण पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वैकल्पिक रास्ता जल्द तैयार होने से आवागमन सामान्य करने में मदद मिलेगी।
आधे घंटे का सफर अब डेढ़ घंटे में
भलजोर पुल से होकर बौंसी आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक रास्ते के कारण अधिक समय और पैसा खर्च करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले बौंसी पहुंचने में करीब आधा घंटा लगता था और किराया लगभग 50 रुपये था। अब वैकल्पिक रास्ते से सफर करने में करीब डेढ़ घंटे लग रहे हैं, जबकि किराया बढ़कर 100 रुपये हो गया है। इस बदलाव का सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, दैनिक यात्रियों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वालों पर पड़ रहा है। यात्रा में अतिरिक्त समय लगने के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। वहीं, किराया दोगुना होने से आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।
त्योहारों से पहले डायवर्सन पूरा होने की उम्मीद
दुर्गा पूजा के बाद दीपावली और छठ पर्व को लेकर लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। इन त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर आते-जाते हैं। ऐसे में यदि डायवर्सन का निर्माण समय पर पूरा नहीं होता है, तो यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डायवर्सन का काम तेज जरूर हुआ है, लेकिन इसके निर्धारित समय पर पूरा होने को लेकर अभी स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। इसलिए निर्माण कार्य की नियमित निगरानी जरूरी है, ताकि वैकल्पिक मार्ग जल्द से जल्द उपयोग के लिए तैयार हो सके।
सुरक्षा के साथ निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग
भलजोर पुल बिहार और झारखंड के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग है। पुल की जर्जर स्थिति के कारण भारी वाहनों पर रोक लगाना सुरक्षा की दृष्टि से अहम कदम है, लेकिन इसके साथ ही यात्रियों के लिए सुगम वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराना भी जरूरी है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से डायवर्सन निर्माण में तेजी लाने, कार्य की नियमित निगरानी करने और सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखते हुए इसे जल्द पूरा कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान यातायात का दबाव बढ़ने से पहले वैकल्पिक रास्ता तैयार हो जाए, तो आम यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल, पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग किए जाने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। अब यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद डायवर्सन के निर्माण पर टिकी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वैकल्पिक मार्ग कब तक तैयार होता है और आवागमन की परेशानी कितनी कम हो पाती है।








