
खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम अंशुल अग्रवाल ने लिया संज्ञान, बीईओ करेंगे विशेष निगरानी
रिपोर्ट:- उमाकांत पोद्दार।
चांदन/बांका। चांदन प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में 15 अक्टूबर से मध्याह्न भोजन (एमडीएम) बंद रहने के मामले में शिक्षा विभाग ने पहल शुरू कर दी है। इसको लेकर 22 अक्टूबर को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) के कार्यालय में एमडीएम आरपी पदाधिकारी, बीईओ एवं विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों की सामूहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि किसी भी विद्यालय में बच्चों का मध्याह्न भोजन प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसी निर्णय के आलोक में 23 अक्टूबर से सभी विद्यालयों में बच्चों के लिए एमडीएम दोबारा शुरू कर दिया गया है।बैठक में एमडीएम संचालन को सुचारू बनाए रखने और वेंडरों के बकाया भुगतान की समस्या पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बताया गया कि जिन विद्यालयों में एमडीएम प्रभावित हुआ था, वहां राशन उपलब्ध कराने वाले वेंडरों का बकाया भुगतान लंबित है। वेंडरों से जल्द से जल्द आवश्यक बिल एवं वाउचर जमा कराने का अनुरोध किया गया, ताकि भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और विद्यालयों में खाद्यान्न की आपूर्ति नियमित बनी रहे।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्यभर में पिछले छह महीने से एमडीएम की राशि का भुगतान लंबित रहने के कारण कई वेंडरों ने राशन की आपूर्ति बंद कर दी

थी। इससे विद्यालयों में बच्चों के भोजन की व्यवस्था प्रभावित होने लगी थी। चांदन प्रखंड में भी इसी समस्या के कारण 15 अक्टूबर से विभिन्न विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बंद होने की बात सामने आई थी। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए बीईओ चांदन और एमडीएम आरपी ने बैठक में शिक्षकों एवं संबंधित कर्मियों से एमडीएम संचालन जारी रखने का अनुरोध किया। विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों में मध्याह्न भोजन नियमित रूप से चलाया जाए। साथ ही वेंडरों को जल्द से जल्द बिल जमा करने को कहा गया, ताकि बकाया भुगतान की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके। बीईओ को एमडीएम संचालन की विशेष निगरानी करने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
दैनिक बिहार पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान
विदित हो कि दुर्गापूजा की छुट्टी से पूर्व 15 अक्टूबर को विभिन्न विद्यालयों में एमडीएम बंद रहने की खबर दैनिक बिहार पत्रिका में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद बांका के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए एमडीएम पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर बैठक कर समस्या के समाधान और बच्चों को नियमित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई।एमडीएम दोबारा शुरू होने से विद्यालयों के बच्चों और अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, व्यवस्था को नियमित बनाए रखने के लिए वेंडरों के बकाया भुगतान का समय पर निष्पादन और खाद्यान्न की निर्बाध आपूर्ति महत्वपूर्ण होगी। अब यह देखना होगा कि विभागीय स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है और भविष्य में बच्चों के भोजन पर इसका असर न पड़े, इसके लिए क्या व्यवस्था की जाती है।






