महिला सशक्तिकरण की नई परिभाषा: “माँ की गोद सबसे अच्छी कक्षा” – सर्बानंद सोनोवाल

राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को बताया अहम, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराया

डिब्रूगढ़। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने अखिल असम सोनोवाल कछारी महिला संघ (एएएसकेडब्ल्यूए) के केंद्रीय स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं की भूमिका को राष्ट्र निर्माण में अहम बताते हुए कहा, “माँ की गोद दुनिया की सबसे अच्छी शिक्षा संस्था है।”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सोनोवाल ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनकी नीतियों के कारण महिलाओं को समृद्ध और आत्मनिर्भर समाज की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

महिलाओं का योगदान और समाज में उनका स्थान

केंद्रीय मंत्री ने ऋग्वेद का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐतिहासिक रूप से महिलाओं ने समाज को एक प्रगतिशील और समावेशी स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, “एक माँ अपने बच्चों को ज्ञान और साहस की सीख देती है। बिना प्रयास और दृढ़ता के किसी भी व्यक्ति की पूरी क्षमता का विकास नहीं हो सकता।”

उन्होंने तकनीकी प्रगति और मानवीय मूल्यों के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन यदि उसमें मानवता नहीं होगी, तो वह अधूरा रहेगा।

सोनोवाल कछारी समुदाय को आगे बढ़ाने का संकल्प

अपने संबोधन में श्री सोनोवाल ने सोनोवाल कछारी समुदाय को शिक्षा, संस्कृति और खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि प्रतिस्पर्धा और चुनौतियों का सामना करके ही उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

उन्होंने महिलाओं से परिवर्तन की अगुवाई करने की अपील की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोज़ाना 18 घंटे काम करके एक मिसाल पेश कर रहे हैं। हमें भी उनके इस समर्पण को अपनाकर राष्ट्रहित में योगदान देना चाहिए।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का संकल्प

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनकी वजह से लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और देश के आर्थिक विकास में योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य 2047 तक एक आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाना है। मैं इस समुदाय की महिलाओं से इस मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान करता हूं। एक सशक्त महिला शक्ति, देश की समृद्धि को और गति प्रदान करेगी।”

समारोह में शामिल प्रमुख हस्तियां

इस कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं, जिनमें अखिल असम सोनोवाल कछारी महिला एसोसिएशन (एएएसकेडब्ल्यूए) की अध्यक्ष रश्मिरेखा सोनोवाल, पूर्व विधायक ज्योत्सना सोनोवाल, स्वागत समिति के अध्यक्ष दिपुरंजन मकरारी, डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. श्रुतिधर महंत, अखिल असम सोनोवाल कछारी स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवानंद चेलेंग, और सोनोवाल कछारी स्वायत्त परिषद के पूर्व मुख्य कार्यकारी सदस्य दंडी सोनोवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस आयोजन ने महिला सशक्तिकरण के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज को महिलाओं की भूमिका को स्वीकारने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया।

रिपोर्ट: दैनिक बिहार पत्रिका 

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