आयात शुल्क, रुपये की कमजोरी और घटा आयात बने तेजी की वजह; रमजान से पहले मांग बढ़ने के संकेत
इंदौर मंडी — तेल–तिलहन बाजार में आज सोया तेल के भाव में तेज़ी दर्ज की गई, जबकि सरसों तेल स्थिर बना रहा। इंदौर मंडी में सोया रिफाइंड तेल ₹132–133 प्रति किलो पर कारोबार कर रहा है। दिसंबर महीने में यही तेल ₹125–126 प्रति किलो था, यानी करीब 5 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है।
वहीं सोया साल्वेंट तेल के भाव भी बढ़कर ₹126–127 प्रति किलो पहुंच गए हैं, जो दिसंबर में ₹120–121 प्रति किलो थे।
तेजी के प्रमुख कारण
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक सोया तेल में तेजी के पीछे कई कारण हैं—
- सितंबर 2024 में सरकार द्वारा कच्चे तेल पर आयात शुल्क 27.5% और रिफाइंड तेल पर 35.75% किए जाने से आयात महंगा हुआ।
- रुपये की कमजोरी के चलते विदेशी तेलों की लागत बढ़ी।
- दक्षिण अमेरिका से सोयाबीन तेल आयात रद्द होने से घरेलू बाजार में मांग बढ़ी।
सरसों तेल स्थिर, आवक बढ़ने से दबाव
सरसों तेल के भाव ₹160–161 प्रति किलो पर स्थिर बने हुए हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान से नई फसल की आवक बढ़ने के कारण कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है।
किराना व्यापारियों का मानना है कि सरसों तेल में फिलहाल ज्यादा स्टॉक रखना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि आगे भाव और नरम पड़ने की संभावना है।
आगे का आउटलुक
आने वाले दिनों में रमजान 17 फरवरी से शुरू हो रहा है, जिससे पाम तेल और सोया तेल की मांग बढ़ने के संकेत हैं।
दुकानदारों को सलाह है कि वे अभी से जरूरत के अनुसार स्टॉक की योजना बनाएं, ताकि मांग बढ़ने पर बाजार का लाभ उठाया जा सके।
ब्यूरो रिपोर्ट, दैनिक बिहार पत्रिका
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
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