कटोरिया (बांका) कटोरिया थाना क्षेत्र में साइबर अपराध को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। क्षेत्र के कड़वारन गांव हाल निवासी राधानगर के रहने वाले सुमित कुमार मंडल पर साइबर अपराध के जरिए करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही और कार्रवाई में ढिलाई के कारण साइबर अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि सुमित कुमार मंडल के खिलाफ कटोरिया थाना में साइबर अपराध से संबंधित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है, लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों के अनुसार, सुमित कुमार मंडल के पिता छोटे लाल मंडल पहले एक निजी स्कूल में रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। लोगों का कहना है कि पढ़ाई के दौरान ही सुमित साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ गया और बाद में भागलपुर में रहकर इस नेटवर्क को मजबूत किया।
क्षेत्र में ऐसी चर्चाएं हैं कि आज सुमित कुमार मंडल करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक बन चुके हैं। राधानगर बाजार में उन्होंने “एस के मंडल” नाम से कपड़े का बड़ा शोरूम खोल रखा है। इसके अलावा छड़, सीमेंट, ईंट और फर्नीचर का गोदाम भी संचालित होने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों का दावा है कि सुमित कुमार मंडल के पास लग्जरी गाड़ियां, ट्रैक्टर और अन्य महंगी संपत्तियां हैं। कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के नाम पर झारखंड में कई हाइवा वाहन भी खरीद रखे हैं, जिनसे भारी कमाई होती है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि क्षेत्र में जहां कहीं जमीन बिक्री के लिए आती है, वहां सुमित बाजार मूल्य से अधिक कीमत देकर जमीन खरीद लेते हैं। इसी वजह से क्षेत्र में उनकी आर्थिक पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है।
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि साइबर अपराधियों और कुछ बिचौलियों के माध्यम से थाना स्तर तक सेटिंग का खेल चलता है, जिसके कारण अपराधियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों का कहना है कि पूर्व में पुलिस द्वारा सुमित कुमार मंडल के घर छापेमारी भी की गई थी, जहां से कथित तौर पर कई सामान बरामद किए गए थे। हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से सीमित जानकारी ही साझा की गई थी।
अब क्षेत्र के लोगों की नजर जिला प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों का सवाल है कि यदि किसी व्यक्ति ने अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
फिलहाल पुलिस या प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
रिपोर्ट: दिलावर अंसारी, दैनिक बिहार पत्रिका
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