खगड़िया (अलौली)। ईद-उल-अजहा पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप मनाने को लेकर अलौली प्रखंड अंतर्गत सहसी पंचायत स्थित जोगिया शरीफ की मरकज़ी खानकाह ए फरीदिया महमूदिया की ओर से महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की गई है।
खानकाह के सज्जादा नशीन हजरत बाबू सईदैन फरीदी ने देशभर के मुसलमानों से अपील करते हुए कहा है कि बकरीद के मौके पर कानून और प्रशासनिक निर्देशों का पूरी तरह पालन करें तथा किसी भी प्रतिबंधित जानवर की कुर्बानी न करें।
जारी अपील में कहा गया है कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, गलियों और खुले क्षेत्रों में कुर्बानी करने से बचें। साथ ही मुसलमानों से यह भी अनुरोध किया गया है कि सड़क पर नमाज अदा न करें और प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही नमाज पढ़ें।
खानकाह की ओर से यह भी अपील की गई है कि कुर्बानी के दौरान फोटो या वीडियो न बनाया जाए और न ही उसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाए। धार्मिक कार्यों को दिखावे के बजाय सादगी और इबादत की भावना के साथ अंजाम देने पर जोर दिया गया है।
मौलाना बाबू सिबतैन फरीदी ने कहा कि ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है और यह त्याग, समर्पण एवं अल्लाह की राह में कुर्बानी का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हर साहिब-ए-हैसियत मुसलमान पर कुर्बानी वाजिब है और यह केवल एक रस्म नहीं बल्कि अल्लाह की पसंदीदा इबादत है।
उन्होंने बताया कि ईद-उल-अजहा के तीन दिनों — 10, 11 और 12 जिलहिज्जा — में कुर्बानी की जाती है और यह हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम एवं हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम की सुन्नत है। उन्होंने लोगों से कानूनी दायरे में रहकर कुर्बानी अदा करने की अपील की।
सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी नहीं करने की अपील
मौलाना ने कहा कि हमेशा उन्हीं जानवरों की कुर्बानी की जाए जिन पर किसी प्रकार की कानूनी पाबंदी नहीं है। कुर्बानी वाले स्थानों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए तथा जानवरों की गंदगी सार्वजनिक स्थानों या सड़कों पर न फेंकी जाए।
उन्होंने कहा कि खून को नालियों में बहाने के बजाय कच्ची जमीन में दफन किया जाए ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और वह खाद के रूप में उपयोगी साबित हो सके। साथ ही नगर निकायों द्वारा निर्धारित कूड़ेदान का उपयोग करने की भी अपील की गई।
सोशल मीडिया पर वीडियो-फोटो अपलोड नहीं करने की सलाह
हजरत बाबू सकलैन फरीदी ने कहा कि कुर्बानी के गोश्त को अच्छी तरह पैक कर जरूरतमंदों और गरीबों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि गोश्त का एक हिस्सा गरीबों के लिए जरूर निकाला जाए ताकि पर्व की खुशी सभी के बीच साझा हो सके।
उन्होंने कहा कि कुर्बानी के दौरान फोटो या वीडियो बनाना तथा उसे सोशल मीडिया पर साझा करना उचित नहीं है। धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए ऐसे कार्यों से बचना चाहिए।
अंत में खानकाह की ओर से देश में अमन-चैन, खुशहाली और भीषण गर्मी से राहत के लिए विशेष दुआ करने की अपील की गई। साथ ही लोगों से उम्मीद जताई गई कि वे इन सभी बातों पर अमल कर समाज में भाईचारा और सौहार्द कायम रखने में सहयोग करेंगे।
रिपोर्ट: दैनिक बिहार पत्रिका, खगड़िया
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
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