एनडीए को आगामी चुनाव में भुगतना पड़ेगा खामियाजा – डॉ. अरविन्द वर्मा
पटना। बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान कलवार समाज के किसी भी नेता को मंत्री न बनाए जाने पर समाज में गहरा असंतोष है। कलवार समाज के प्रमुख चेयरमैन डॉ. अरविन्द वर्मा ने इसे समाज का घोर अपमान बताया है और एनडीए सरकार को चेतावनी दी है कि इसका खामियाजा आगामी विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।
डॉ. वर्मा ने कहा कि राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने भाजपा की “एक व्यक्ति, एक पद” नीति के तहत स्वेच्छा से इस्तीफा दिया, जिसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार में सात नए मंत्री बनाए गए, लेकिन उनमें से एक भी कलवार समाज से नहीं है। यह कलवार समाज की अनदेखी और उपेक्षा का प्रतीक है।
कलवार नेताओं की अनदेखी पर सवाल
कलवार समाज के कद्दावर नेताओं में पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और भाजपा विधायक पवन जायसवाल जैसे बड़े नाम शामिल हैं, लेकिन इनके बावजूद किसी को मंत्री नहीं बनाया गया। यह कलवार समाज के साथ अन्याय है, जिसे समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
डॉ. वर्मा ने कहा कि अगर राजस्व मंत्री के पद से दिलीप जायसवाल के इस्तीफे के बाद किसी कलवार नेता को ही इस पद पर नियुक्त किया जाता तो यह समाज के सम्मान की रक्षा होती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे साफ हो गया कि एनडीए नेतृत्व का कलवार समाज के प्रति रुख क्या है।
आने वाले चुनावों में असर
कलवार समाज के इस उपेक्षा से आक्रोशित होने की संभावना है और इसका सीधा असर आगामी विधानसभा चुनावों में देखने को मिल सकता है। हालांकि, दिलीप जायसवाल ने खुद इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया कि उनसे जबरन इस्तीफा लिया गया या नहीं, लेकिन अंदरूनी राजनीति की स्थिति पार्टी ही बेहतर जानती है।
कलवार समाज अब इस मुद्दे पर एकजुट होकर राजनीतिक नेतृत्व से जवाब मांग रहा है और आगामी चुनावों में इसका असर एनडीए गठबंधन को भुगतना पड़ सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, दैनिक बिहार पत्रिका
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
📰 खबर भेजने के लिए संपर्क करें 📞 +91 9801716267 दैनिक बिहार पत्रिका "सच्ची खबर, सीधे ज़मीन से"








Users Today : 23
Users Yesterday : 32