चैंबर ऑफ कॉमर्स चुनाव में साजिश या व्यापारियों के हक की अनदेखी?

व्यापारी संगठनों पर ‘परिवारवाद’ और ‘पर्दे के पीछे खेल’ का आरोप

भागलपुर। शहर के सबसे बड़े व्यापारी संगठन चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि यह चुनाव व्यापारियों के हक में हो रहा है या कुछ गिने-चुने लोगों की साजिश का हिस्सा बन गया है?

इस चुनाव में कुछ उम्मीदवारों की अपराधिक पृष्ठभूमि और महत्वपूर्ण पदों पर एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौजूदगी व्यापारियों के लिए चिंता का विषय बन गई है। 1300 से अधिक व्यापारियों के इस संगठन में सभी जाति-समुदायों की भागीदारी की बात कही जाती है, लेकिन इस बार मुस्लिम और बिहारी समुदाय के व्यापारियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।

परिवारवाद और आरोपों के घेरे में चुनावी प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ व्यापारी लक्ष्मण बाबू डोकानियां ने अपने परिवार के तीन सदस्यों – पुत्र अजय डोकानियां, पौत्र शरद डोकानियां, और समाधि निलेश कोठारीवाल को उम्मीदवार बनाकर खड़ा किया है। इससे संगठन में ‘परिवारवाद’ और ‘मनमानी’ के आरोप और मजबूत हो गए हैं।

इसके अलावा, कुछ उम्मीदवार ऐसे भी हैं जो गंभीर आपराधिक मामलों में जेल यात्रा कर चुके हैं या जमानत पर हैं। इनमें से कुछ पर कोरोना काल में एक महिला के उत्पीड़न का भी मामला दर्ज है। इस तरह के लोगों को संगठन की नई टीम में जगह मिलने से व्यापारियों में आक्रोश बढ़ रहा है।

संपत्ति हड़पने और ट्रस्ट की जमीन पर कब्जे के आरोप

व्यापारी समुदाय में चर्चा है कि कुछ उम्मीदवारों का अवैध बिल्डिंग निर्माण, ट्रस्ट धर्मशाला, विद्यालय संपत्ति हड़पने और ट्रस्ट की जमीन पर अवैध कब्जे का इतिहास रहा है। यदि इस तरह के लोग चैंबर ऑफ कॉमर्स में पदाधिकारी बन जाते हैं तो संगठन की शक्ति और एकता खतरे में पड़ सकती है।

व्यापारियों को एकजुट होकर अपने हितों की रक्षा करनी होगी

अब समय आ गया है कि व्यापारी समुदाय अपने अधिकारों के लिए एकजुट हो और ऐसे षड्यंत्रों का पर्दाफाश करे। यह चुनाव कुछ लोगों के निजी स्वार्थ पूरे करने का माध्यम नहीं बल्कि व्यापारी हितों की रक्षा के लिए होना चाहिए।

9 मार्च को श्री श्री रविशंकर जी भागलपुर में सत्संग करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि इस सत्संग के माध्यम से कुछ लोगों के मन में शुद्ध विचार उत्पन्न होंगे और वे अपने गलत इरादों से पीछे हटेंगे। यदि ऐसा होता है, तो यह सत्संग भागलपुर के व्यापारी समुदाय के लिए लाभदायक साबित होगा।

व्यापारी वर्ग की प्रतिष्ठा और भागीदारी सुनिश्चित हो!

संगठन की शक्ति, एकता और साख बनाए रखने के लिए सभी समुदायों और वर्गों के व्यापारियों को नेतृत्व में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए। यदि चैंबर ऑफ कॉमर्स की छवि धूमिल होती है, तो इसका असर समूचे व्यापारिक जगत पर पड़ेगा। अब यह व्यापारियों के हाथ में है कि वे कैसे अपने संगठन को बचाते हैं और किसे अपना प्रतिनिधि चुनते हैं।

रिपोर्ट: वरीय पत्रकार संजीव कुमार लालू शर्मा  (दैनिक बिहार पत्रिका)

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