संविधान निर्माता को दी गई श्रद्धांजलि, केंद्र सरकार की नीतियों पर जताई गई आपत्ति
गोगरी (खगड़िया)। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती के अवसर पर अस्ति नारायण सिन्हा अनुमंडलीय पुस्तकालय गोगरी एवं ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन (ए.आई.एल.यू) खगड़िया के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अधिवक्ता नंद किशोर मंडल के आवास पर दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ।
समारोह की अध्यक्षता प्रेम शंकर मिश्र ने की, जबकि मंच संचालन और आयोजन में कई प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
एआईएलयू खगड़िया के अध्यक्ष अधिवक्ता नलिनेश कुमार सिन्हा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अंबेडकर के संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके योगदान को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि “डॉ. अंबेडकर ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए संविधान के माध्यम से क्रांतिकारी प्रावधान किए।”
नलिनेश सिन्हा ने यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखा कि डॉ. अंबेडकर की जयंती को ‘दलित चेतना दिवस’ के रूप में प्रतिवर्ष मनाया जाए, जिसे उपस्थितजनों ने सर्वसम्मति से पारित किया।
डॉ. सुनील कुमार मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि “बाबा साहब न सिर्फ दलितों के बल्कि संपूर्ण वंचित, शोषित, और पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधि और मसीहा थे। उन्होंने समावेशी भारत का सपना देखा था, जिसमें सबको समान अवसर मिले।”
समारोह में अधिवक्ता अनंत प्रसाद सिन्हा, अमर सिंह, नारायण मंडल, दुन बहादुर दास, रजनीश कुमार झा, अनूप लाल महतो, इमरान उद्दीन, संजीव कुमार, मिथिलेश कुमार सिन्हा सहित कई गणमान्य लोगों ने अंबेडकर के विचारों को समाज में फैलाने और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर केंद्र सरकार की कुछ नीतियों को संविधान की मूल भावना के विरुद्ध बताते हुए उनकी आलोचना की गई और उन्हें वापस लेने की मांग की गई।
कार्यक्रम का समापन अध्यक्ष प्रेम शंकर मिश्र द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। समारोह में मौजूद लोगों ने बाबा साहब को नमन करते हुए सामाजिक न्याय और समानता की राह पर चलने का संकल्प दोहराया।
रिपोर्ट: कृष्णा टेकरीवाल, दैनिक बिहार पत्रिका
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
📰 खबर भेजने के लिए संपर्क करें 📞 +91 9801716267 दैनिक बिहार पत्रिका "सच्ची खबर, सीधे ज़मीन से"








Users Today : 17
Users Yesterday : 28