SP स्वीटी सहरावत ने पुर्णिया में दिखाई सख्ती, लेकिन खगड़िया के चौथम में प्रशासन की नाक के नीचे धड़ल्ले से जारी है अवैध शराब का कारोबार
चौथम/खगड़िया। बिहार में शराबबंदी कानून सिर्फ कागजों में सख्त दिखता है, जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। ताजा उदाहरण है पुर्णिया जिला, जहां की नवपदस्थापित एसपी स्वीटी सहरावत ने कुछ ही दिनों में नशे के खिलाफ जोरदार अभियान छेड़ दिया है।
इसी अभियान के तहत एक ही दिन में पुर्णिया पुलिस ने 40 हजार से अधिक प्रतिबंधित कफ सिरप की भारी खेप बरामद कर नशा कारोबारियों की कमर तोड़ दी। यह कार्रवाई साफ दर्शाती है कि अगर पुलिस प्रशासन सख्त रुख अपनाए तो नशे का धंधा रुक सकता है।
लेकिन इसके उलट तस्वीर खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड की है, जहां देवका कैथी, नया टोला कैथी और तेगाछी जैसे गांवों में खुलेआम शराब बेची जा रही है। न तो स्थानीय पुलिस की आंख खुल रही है, न ही प्रशासन के कानों में कोई आवाज पहुंच रही है।
सवाल यह उठता है कि एक जिले में सख्ती और दूसरे में ढिलाई क्यों? क्या शराबबंदी सिर्फ दिखावे भर की है? अगर पूरे राज्य में पुर्णिया जैसे अभियान चलाए जाएं, तभी जाकर शराबबंदी को सार्थक कहा जा सकेगा।
रिपोर्ट: राजीव झा उर्फ ललन, दैनिक बिहार पत्रिका
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
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