साफ-सफाई के सरकारी दावों की जमीन पर उड़ रही धज्जियां, बदबू और बीमारी से परेशान ग्रामीण
चांदन (बांका)। स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर गांव को साफ-सुथरा बनाने का दावा भले ही सरकार कर रही हो, लेकिन चांदन प्रखंड के दक्षिणी बारने पंचायत स्थित भैरोगंज बाजार की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यहां कचरे का अंबार और बदबू की मार ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। गली-गली फैली गंदगी से लोग परेशान हैं, लेकिन पंचायत और प्रशासन के स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने बताया कि कई बार पंचायत मुखिया से शिकायत की गई, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। सफाई कर्मी की तैनाती के बावजूद बाजार और विद्यालय जाने वाले रास्तों पर कूड़े का अंबार लगा हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अन्य वार्डों की स्थिति कितनी खराब होगी।
गौरतलब है कि सरकार ने हर पंचायत में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की योजना बनाई थी। परंतु दक्षिणी बारने पंचायत में यह योजना पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। न तो कचरा इकाई का उचित उपयोग हो रहा है और न ही गांव से कचरा वहां तक पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अपशिष्ट केंद्र का निर्माण भी घटिया सामग्री से किया गया, जो अब खंडहर में तब्दील हो चुका है।
कचरे की वजह से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण डायरिया और बुखार जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। लोगों ने बताया कि सफाईकर्मी हर महीने वेतन ले रहे हैं, लेकिन काम के नाम पर शून्य है।
इस संबंध में पंचायत मुखिया तुलसी रजक ने बताया कि लापरवाही बरतने वाले स्वच्छता कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, ताकि सभी वार्डों में नियमित सफाई सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्ट: उमाकांत साह, दैनिक बिहार पत्रिका
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
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