साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित समेत सभी सात आरोपी एनआईए कोर्ट से हुए बरी, विहिप ने कहा – ‘सत्यमेव जयते’ की सजीव उद्घोषणा
दैनिक बिहार पत्रिका, खगड़िया । 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में गुरुवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस बहुचर्चित मामले में सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया, जिनमें पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित और अन्य आरोपी शामिल थे। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रान्त विशेष सम्पर्क सह प्रमुख नितिन कुमार ने इसे “सत्यमेव जयते” की सजीव उद्घोषणा बताया।
उन्होंने कहा, “इस फैसले ने साबित कर दिया है कि ‘भगवा आतंकवाद’ का मिथ्या आरोप महज एक राजनीतिक प्रपंच था, जिसे देश विरोधी और सनातन विरोधी मानसिकता रखने वाले तथाकथित सेकुलर नेताओं ने गढ़ा था। इस शब्द ने साधु-संतों, राष्ट्रसेवकों और करोड़ों सनातनी आस्थावानों की छवि को बदनाम करने का काम किया।”
नितिन कुमार ने आगे कहा कि यह निर्णय भारत की न्यायिक व्यवस्था की निष्पक्षता को दर्शाता है और साथ ही यह उन राजनीतिक दलों के चेहरे को बेनकाब करता है जिन्होंने ‘हिंदू आतंकवाद’ जैसे शब्द को प्रचारित कर संप्रदायिक ध्रुवीकरण की साजिश रची थी।
उन्होंने मांग की कि “जो सेकुलर नेता इस झूठ को फैलाने में शामिल थे, उन्हें न केवल सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, बल्कि देश और धर्म के प्रति किए गए इस अक्षम्य अपराध की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।”
गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में एक बाइक में विस्फोट हुआ था, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों घायल हुए थे। इस मामले में हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिस पर बाद में राजनीति भी खूब हुई। अदालत के इस फैसले के बाद देशभर में संत समाज और हिंदू संगठनों में संतोष की लहर देखी जा रही है।
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
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