तीन साल बाद भी राशि न मिलने पर लाभार्थियों की शिकायत, 48 घंटे में कार्रवाई का आदेश
बेलदौर (खगड़िया)। मनरेगा योजना से निर्मित चार पशु शेड की राशि तीन साल बाद भी लाभार्थियों को न मिलने के मामले में खगड़िया के डीडीसी अभिषेक पलासिया ने कड़ा रुख अपनाया है। डीडीसी ने बेलदौर प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) को निर्देश दिया है कि दिघौन पंचायत के मुखिया पति सह शिक्षक कुमार विमल राज पर 48 घंटे के अंदर एफआईआर दर्ज कराई जाए। साथ ही दिघौन मुखिया, तत्कालीन पीआरएस और वेंडर भेंडर कृष्ण ट्रेडर्स से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मामले के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 में दिघौन गांव के अरविंद शर्मा समेत चार लाभार्थियों ने वेंडर के बजाय खुद से पशु शेड का निर्माण करवाया था, लेकिन भुगतान वेंडर के खाते में कर दिया गया। आरोप है कि वेंडर ने यह राशि मुखिया पति कुमार विमल राज को दे दी। गांव में इस मुद्दे पर पंचायत भी हुई थी, जिसमें 2 लाख 86 हजार 400 रुपये लाभार्थियों को देने पर सहमति बनी थी, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया।
थक-हारकर लाभार्थियों ने डीडीसी से न्याय की गुहार लगाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीडीसी ने पीओ को एफआईआर दर्ज कराने और दोषियों से जवाब तलब करने का निर्देश दिया है।
रिपोर्ट: दैनिक बिहार पत्रिका, संवाददाता
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
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