महिलाओं के मंगलगीतों से गूंजा दौतलगंज, अब भव्य बारात की तैयारियां तेज
सारण। महाशिवरात्रि के पावन पर्व से पहले छपरा शहर शिवमय होता जा रहा है। वर्षों पुरानी परंपरा को जीवंत रखते हुए दौतलगंज स्थित ऐतिहासिक श्रीराम जानकी मंदिर, छत्रधारी बाजार में मंगलवार को देवाधिदेव महादेव का तिलक उत्सव श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।

समाजसेवी धर्मनाथ पिंटू के अनुसार दोपहर से ही मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल बनने लगा था। शहर के विभिन्न मोहल्लों से बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु मंदिर पहुंचीं और परंपरा के अनुसार भोलेनाथ के तिलक की रस्में निभाईं। महिलाओं ने मंगलगीत गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। “शिव के तिलक चढ़े…” और “आजु जनकपुर में मड़वा…” जैसे पारंपरिक गीतों पर महिलाएं झूमती नजर आईं। हल्दी, अक्षत, चंदन और फल-फूल अर्पित कर बाबा का तिलक किया गया, जो महाशिवरात्रि विवाहोत्सव की तैयारियों का प्रतीक है।

यह तिलक उत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। कार्यक्रम में मनोकामना नाथ मंदिर और सिद्धेश्वर नाथ मंदिर, नबीगंज की महत्ता को भी रेखांकित किया गया, जहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
समिति के राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि यह परंपरा पूर्वजों के समय से चली आ रही है और नई पीढ़ी भी इसे पूरे श्रद्धाभाव से निभा रही है। उन्होंने कहा कि बाबा का तिलक उत्सव समाज में एकता, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संदेश देता है। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
तिलक की रस्म पूर्ण होते ही अब श्रद्धालुओं को महाशिवरात्रि के दिन निकलने वाली बाबा भोलेनाथ की भव्य बारात का बेसब्री से इंतजार है।
रिपोर्ट: दैनिक बिहार पत्रिका, सारण
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
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