खगड़िया । जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत सौढ उत्तरी पंचायत स्थित मध्य विद्यालय सौढ भरतखण्ड में मंगलवार को विश्व पृथ्वी दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में छात्रों और शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण एवं पृथ्वी बचाने के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान पृथ्वी दिवस के महत्व, इतिहास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई।
विद्यालय के शिक्षक सिद्धार्थ कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि पृथ्वी दिवस पहली बार 22 अप्रैल 1970 को मनाया गया था, जिसे आधुनिक पर्यावरण आंदोलन की शुरुआत माना जाता है। उन्होंने बताया कि आज यह दिवस दुनिया के 192 से अधिक देशों में प्रतिवर्ष मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि पृथ्वी दिवस की स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन द्वारा वर्ष 1970 में पर्यावरण शिक्षा अभियान के रूप में की गई थी। आज बढ़ते प्रदूषण, जल संकट और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं के बीच पृथ्वी दिवस का महत्व और भी बढ़ गया है।
शिक्षक सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि वर्ष 2026 में विश्व पृथ्वी दिवस की थीम “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” (Our Power, Our Planet) रखी गई है। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि पृथ्वी को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी और सुरक्षित भविष्य के लिए समाज के हर व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने “हरित बनो और हरित बचाओ”, “पृथ्वी बचाओ, भविष्य बचाओ” जैसे नारों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। शिक्षकों ने बच्चों को पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की शपथ भी दिलाई।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य संजय कुमार पासवान, शिक्षक सिद्धार्थ कुमार, निरंजन कुमार, रामविनोद साह, उत्कर्ष कुमार, सार्थक कुमार सहित विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: दैनिक बिहार पत्रिका
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
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