गंगा-गंडक के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन की पहल, बोरना समेत सभी चिन्हित केंद्रों पर सामुदायिक रसोई चालू
गोगरी (खगड़िया)। गंगा एवं गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण गोगरी अंचल क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन की परेशानी न हो, इसके लिए अंचल प्रशासन की ओर से चिन्हित सभी 21 स्थानों पर सामुदायिक रसोई एवं राहत शिविर चालू कर दिए गए हैं। इन केंद्रों पर बाढ़ पीड़ितों के लिए पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रशासन की ओर से जारी सूची में बोरना पंचायत के बड़ी बोरना टोला, रामपुर पंचायत के जीएन बांध रामपुर, गोगरी पंचायत के सामुदायिक भवन गोगरी और तारा मध्य विद्यालय, झिकटिया के शिव मंदिर मटली सहित विभिन्न पंचायतों और नगर परिषद क्षेत्र में राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है।

सामुदायिक रसोई के माध्यम से बाढ़ प्रभावित लोगों को नियमित रूप से पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की है, ताकि भोजन वितरण और राहत शिविर की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। कर्मियों को अपने कर्तव्यों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार सामुदायिक रसोई केंद्रों पर कर्मियों की दो पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। पहली पाली सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक तथा दूसरी पाली शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक निर्धारित है। इस व्यवस्था का उद्देश्य राहत शिविरों में रहने वाले बाढ़ पीड़ितों को लगातार आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराना है।
बोरना पंचायत में भी राहत व्यवस्था सक्रिय है। बड़ी बोरना टोला में सामुदायिक रसोई चालू होने से बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत मिली है। स्थानीय जनप्रतिनिधि मुखिया प्रतिनिधि मो. नासिर इकबाल भी प्रभावित लोगों के बीच राहत व्यवस्था को लेकर सक्रिय हैं। वहीं, सामुदायिक रसोई का संचालन अंचल प्रशासन की ओर से जारी सरकारी आदेश के तहत किया जा रहा है।

गंगा और गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन की ओर से सभी चिन्हित स्थानों पर सामुदायिक रसोई चालू किए जाने से बाढ़ पीड़ित परिवारों को तत्काल भोजन की सुविधा मिल रही है। प्रशासनिक स्तर पर राहत शिविरों की व्यवस्था और भोजन वितरण की निगरानी भी की जा रही है, ताकि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
रिपोर्ट: दैनिक बिहार पत्रिका











