
2003 में लायंस से शुरू हुआ सफर, क्लब से लेकर जोन और रीजन तक संभाली जिम्मेदारी; जापान और लास वेगास में किया बौंसी का प्रतिनिधित्व, जनसेवा के अनेक अभियानों से लगातार जुड़ाव
बौंसी/बांका:- पद बदलते रहे, जिम्मेदारियां बढ़ती रहीं, लेकिन सेवा का सिलसिला नहीं थमा। समाज सेवा को जीवन का हिस्सा बनाकर पिछले दो दशक से सक्रिय लायन सुमित सुमन ने लायंस क्लब ऑफ बौंसी में संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ जनसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सक्रिय भागीदारी बनाए रखी है। नेत्र जांच से रक्तदान और पौधरोपण से आपदा राहत तक उनकी सेवा यात्रा लायंस क्लब के “We Serve” संदेश को आगे बढ़ाती रही है। लायन सुमित सुमन उर्फ़ सोनू चौधरी का लायंस क्लब इंटरनेशनल से जुड़ाव 1 फरवरी 2003 को हुआ। इसके बाद उन्होंने क्लब में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हुए सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई। क्लब स्तर पर उन्होंने ट्रेजरर, सेक्रेटरी, प्रेसिडेंट, डायरेक्टर, एडमिनिस्ट्रेटर, मेंबरशिप चेयरपर्सन एवं एलसीआईएफ को-ऑर्डिनेटर जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। वर्तमान में वे वर्ष 2026-27 के लिए क्लब मेंबरशिप चेयरपर्सन के रूप में सक्रिय हैं।
क्लब से निकलकर जिला स्तर तक पहुंची जिम्मेदारी
संगठन में उनकी जिम्मेदारी केवल बौंसी क्लब तक सीमित नहीं रही। वर्ष 2012-13 में जोन चेयरपर्सन तथा 2016-17 में रीजन चेयरपर्सन के रूप में उन्होंने दायित्व संभाला। इसके अलावा वे जिला संयुक्त सचिव एवं संयुक्त कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। संगठन विस्तार के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता रही। उनके प्रयासों से 22 नए सदस्य लायंस परिवार से जुड़े, जिससे सेवा गतिविधियों के लिए संगठनात्मक भागीदारी बढ़ी।
जापान से लास वेगास तक बौंसी का प्रतिनिधित्व
उनकी लायंस यात्रा ने बौंसी को अंतरराष्ट्रीय मंच तक भी पहुंचाया। वर्ष 2016 में फुकुओका, जापान तथा 2018 में लास वेगास में आयोजित कार्यक्रमों में उन्होंने बौंसी का प्रतिनिधित्व किया। स्थानीय स्तर पर लायन सुमित सुमन की पहचान विभिन्न जनसेवा गतिविधियों से जुड़ी रही है। नेत्र जांच, नेत्रदान जागरूकता, रक्तदान, स्वास्थ्य जांच, पौधरोपण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण, शैक्षणिक सहायता, जरूरतमंद परिवारों की मदद और आपदा राहत जैसे अभियानों में उनकी भागीदारी रही है।
‘लायनवाद पद नहीं, सेवा का संकल्प’
लायन सुमित सुमन के लिए लायनवाद केवल किसी सामाजिक संगठन की सदस्यता या पद तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवता की सेवा का निरंतर संकल्प है। बौंसी एवं आसपास के क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के प्रयासों को वे इसी भावना से जोड़कर देखते हैं। दो दशक से अधिक की इस यात्रा में संगठन, नेतृत्व और सामाजिक सरोकार को साथ लेकर चलने की उनकी कार्यशैली नई पीढ़ी के सेवाभावी कार्यकर्ताओं के लिए संदेश देती है कि सेवा की असली पहचान पद से नहीं, बल्कि समाज के लिए किए गए निरंतर प्रयासों से बनती है।









