
हिंदी दिवस पर बांका जिला प्रशासन का गरिमामय समारोह; नोटिंग, क्विज और टाइपिंग प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित, वक्ताओं ने कहा—जनता की भाषा में प्रशासन से मजबूत होगा संवाद
बांका:- हिंदी को केवल बोलचाल और समारोहों की भाषा तक सीमित रखने के बजाय सरकारी कामकाज, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, रोजगार और डिजिटल माध्यमों से प्रभावी रूप से जोड़ने का संदेश सोमवार को बांका में आयोजित हिंदी दिवस समारोह में दिया गया। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हिंदी के संवर्धन के साथ सरकारी कार्यालयों में सरल एवं सहज हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर विशेष जोर दिया गया। समारोह के दौरान हिंदी टिप्पणी (Noting), हिंदी क्विज और हिंदी टाइपिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विभिन्न विभागों के कर्मियों एवं प्रतिभागियों ने इसमें उत्साहपूर्वक हिस्सा लेकर हिंदी भाषा के प्रति अपनी रुचि दिखाई। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल’
समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं और भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रसिद्ध पंक्ति “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल” का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा की उन्नति ही सर्वांगीण विकास का आधार है।
जिलाधिकारी ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता की सशक्त कड़ी है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी हिंदी ने देश के लोगों को एक सूत्र में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जनता की भाषा में हो प्रशासन का संवाद
जिलाधिकारी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासन की सार्थकता तभी है, जब उसका संवाद आम जनता की समझ में आने वाली भाषा में हो। सरकारी फाइलों की टिप्पणियों और दैनिक पत्राचार में सहज एवं सरल हिंदी शब्दावली के प्रयोग पर जोर दिया गया। उन्होंने हिंदी को किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा की प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि विभिन्न भाषाओं को आपस में जोड़ने वाली कड़ी बताया। साथ ही वेबसाइट और शिकायत निवारण पोर्टल जैसे डिजिटल माध्यमों में भी हिंदी के प्रभावी उपयोग की आवश्यकता बताई।
शिक्षकों और वक्ताओं ने रखे विचार
कार्यक्रम में पीबीएस कॉलेज बांका के पुलकित कुमार मंडल, यूएचएस तेलिया के कुमार संभव, एसएनएस हाई स्कूल मोहनपुर के डॉ. सूरज कुमार चौधरी, यूएचएस लखनौड़ी के राहुल, यूएचएस टेंगरा बेलहर के डॉ. राहुल कुमार तथा यूएचएस वर्षाबाद की लेखनी कुमारी ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने हिंदी के व्यावहारिक उपयोग, शिक्षण और इसके संवर्धन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन पर जिलाधिकारी ने जिले के अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से हिंदी के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। संदेश स्पष्ट रहा कि हिंदी दिवस केवल एक दिन का आयोजन न बनकर सरकारी कामकाज और जनसंवाद में सरल हिंदी के निरंतर प्रयोग का संकल्प बने।


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