
‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ के तहत डीएम अंशुल अग्रवाल ने सुनीं 19 लोगों की शिकायतें; जिला से प्रखंड स्तर तक अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य, समाधान में देरी नहीं करने का निर्देश
बांका:- सरकारी कार्यालयों में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचने वाले आम लोगों को अधिकारी के नहीं मिलने या शिकायत लंबित रहने जैसी परेशानी से राहत दिलाने के उद्देश्य से बांका जिला प्रशासन ने व्यवस्था को और जवाबदेह बनाने की पहल तेज कर दी है। बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के सातवें निश्चय “सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)” के तहत अब निर्धारित दोनों कार्य दिवसों में जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक संबंधित पदाधिकारियों को अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर लोगों की समस्याएं सुननी होंगी। इसी व्यवस्था के तहत सोमवार को जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में समाहरणालय के मिनी सभागार में आम नागरिकों की समस्याओं की सुनवाई की गई। इस दौरान कुल 19 आवेदकों ने अलग-अलग समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन डीएम के समक्ष प्रस्तुत किए।
कई शिकायतों का तत्काल हुआ समाधान
सुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। कई मामलों का तत्काल समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस दौरान केवल समाहरणालय में ही नहीं, बल्कि जिले के सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी भी अपने-अपने कार्यालयों में मौजूद रहे और वहां पहुंचने वाले नागरिकों की समस्याओं को सुना।
निर्धारित दोनों दिन कार्यालय में रहना अनिवार्य
जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आम लोगों की समस्याओं की सुनवाई केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहनी चाहिए। निर्धारित दोनों कार्य दिवसों में पदाधिकारियों की अपने कार्यालय में उपस्थिति अनिवार्य होगी और प्राप्त शिकायतों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपनी समस्या लेकर अनावश्यक रूप से अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए शिकायतों पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
समयबद्ध और पारदर्शी सेवा पर जोर
डीएम ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य लोगों को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है। अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से सुनें और जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव है, उनमें बिना अनावश्यक देरी के कार्रवाई करें। अन्य मामलों में भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तेजी से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। जिला प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी व्यवस्था को आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ, संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है। साथ ही शिकायतों के समय पर समाधान के जरिए प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करना है। अब जोर इस बात पर रहेगा कि लोग समस्या लेकर कार्यालय पहुंचें तो उन्हें अधिकारी भी मिलें और समाधान की प्रक्रिया भी उसी समय आगे बढ़े, ताकि “सबका सम्मान–जीवन आसान” का उद्देश्य धरातल पर प्रभावी रूप से दिखाई दे।


BANKA NEWS: अब समस्याओं को









