*परबत्ता के मध्य विद्यालय बिठला और नवसृजित प्राथमिक विद्यालय हरिजन टोला नयागांव में छठ पूजा को लेकर दिखी सांस्कृतिक गतिविधियां, बच्चों ने जाना सूर्य उपासना और छठी मईया की आराधना का महत्व*
खगड़िया/परबत्ता प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में मध्य विद्यालय बिठला में बच्चों को छठ महापर्व की धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं और सामाजिक महत्व से अवगत कराया गया। शिक्षिका के निर्देशन में आयोजित इस पहल के दौरान बच्चों को बताया गया कि छठ पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, स्वच्छता, पवित्रता और सूर्य उपासना के प्रति हमारी आस्था का प्रतीक है।
बच्चों को छठ महापर्व की विभिन्न परंपराओं, व्रतियों की कठिन तपस्या, अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा के बारे में जानकारी दी गई। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को करीब से समझने का अवसर मिला।
वहीं, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय हरिजन टोला नयागांव में भी छठ महापर्व को लेकर भक्तिमय माहौल देखने को मिला। यहां बच्चों ने छठी मईया की महिमा से जुड़े पारंपरिक गीत ‘हाथ जोड़ि करि ला बिनतिया, छठी मईया होईहा सहाय’ के माध्यम से लोकआस्था और भक्ति की सुंदर प्रस्तुति दी। गीत-संगीत के जरिए बच्चों ने बिहार की समृद्ध लोकसंस्कृति और छठ पर्व की परंपराओं को समझने का प्रयास किया।
विद्यालयों में इस तरह की गतिविधियों की सराहना करते हुए लोगों का कहना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों को अपनी संस्कृति, सभ्यता और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना भी जरूरी है।
ऐसी पहल से नई पीढ़ी में अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान, सामाजिक सद्भाव और परंपराओं को संरक्षित रखने की भावना विकसित होती है।
दैनिक बिहार पत्रिका परबत्ता संवाददाता गुरुदेव कुमार।








