
राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,359 कोर्ट केस और 17,486 प्री-लिटिगेशन मामलों का निष्पादन; 9.18 करोड़ रुपये की रिकवरी व समझौता राशि, बैंकिंग और ट्रैफिक मामलों में भी बड़ी उपलब्धि
बांका:- वर्षों से लंबित विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने और आम लोगों को कम खर्च में त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत बांका न्यायमंडल के लिए रिकॉर्ड उपलब्धि लेकर आई। एक ही दिन में 18,845 मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि विभिन्न मामलों में कुल 9 करोड़ 18 लाख 21 हजार रुपये की रिकवरी एवं समझौता राशि रही। खास बात यह रही कि इस बार 1,359 कोर्ट केसों का निष्पादन कर बांका न्यायमंडल ने नया रिकॉर्ड कायम किया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NLSA) एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BLSA) के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बांका द्वारा आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ सूर्यकान्त तिवारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-द्वितीय सह प्रभारी जिला जज, बांका तथा जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
सुलह का रास्ता बना राहत का माध्यम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायिक एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों ने लोक अदालत को आमजन के लिए त्वरित, सुलभ और कम खर्च में न्याय प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम बताया। कहा गया कि आपसी सुलह-समझौते एवं सहमति के आधार पर विवादों का समाधान होने से पक्षकारों को लंबे समय तक मुकदमेबाजी से राहत मिलने के साथ समय और धन की भी बचत होती है। राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए विभिन्न बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों के माध्यम से न्यायालय में लंबित मामलों के साथ प्री-लिटिगेशन मामलों की सुनवाई और निष्पादन किया गया। आंकड़ों के मुताबिक कुल 18,845 मामलों में 1,359 कोर्ट केस और 17,486 प्री-लिटिगेशन मामले शामिल रहे। न्यायालय से संबंधित मामलों में 955 आपराधिक सुलहनीय वादों का निष्पादन किया गया।

ट्रैफिक के 2,549 मामलों से 2.24 करोड़ की रिकवरी
विभागवार मामलों में भी बड़ी संख्या में निष्पादन हुआ। विद्युत विभाग के 497 मामलों का समाधान करते हुए 31 लाख 84 हजार रुपये की रिकवरी की गई। वहीं यातायात चालान के 2,549 मामलों के निष्पादन से 2 करोड़ 24 लाख 79 हजार रुपये की रिकवरी हुई। इसके अलावा खनन विभाग के 261, वन विभाग के पांच और माप-तौल विभाग के पांच मामलों का भी निष्पादन किया गया।
बैंकिंग मामलों में 4.41 करोड़ से अधिक की रिकवरी
राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकिंग मामलों का निपटारा भी प्रमुख रहा। विभिन्न बैंकों से संबंधित 2,837 वादों का निष्पादन किया गया, जिनमें 4 करोड़ 41 लाख 48 हजार 425 रुपये की रिकवरी हुई। इससे बड़ी संख्या में बैंकिंग विवादों से जुड़े पक्षकारों को समाधान का अवसर मिला।
मार्च में 642, मई में 562 और अब सीधे 1,359 कोर्ट केस
इस लोक अदालत की सबसे बड़ी उपलब्धि कोर्ट केसों के निष्पादन का आंकड़ा रहा। मार्च में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में 642 कोर्ट मामलों का निष्पादन हुआ था, जबकि मई में यह संख्या 562 रही थी। इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 1,359 पहुंच गया।
इस तरह पिछले आयोजनों के मुकाबले इस बार कोर्ट केसों के निष्पादन में बड़ी छलांग दर्ज की गई और बांका न्यायमंडल ने अपना नया रिकॉर्ड स्थापित किया। राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता से जहां हजारों पक्षकारों को लंबित विवादों से राहत मिली, वहीं न्यायालय एवं विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों के समाधान में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई। आयोजन को सफल बनाने में न्यायिक पदाधिकारियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









