
अमरपुर के जनता दरबार में पहुंचे 13 मामले, चार का मौके पर निष्पादन; गलती या दोष मिलने पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश, छोटे विवादों को बड़ा बनने से पहले सुलझाने पर जोर
अमरपुर/बांका:- जमीन से जुड़े छोटे-छोटे विवाद आगे चलकर बड़ी घटना का कारण न बनें और लोगों को समाधान के लिए बार-बार कार्यालय एवं न्यायालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसे लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने संयुक्त रूप से अंचल कार्यालय, अमरपुर में आयोजित अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष की भूमि विवाद समाधान बैठक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी ने जनता दरबार में पहुंचे परिवादियों की समस्याएं सुनीं। इसके साथ ही भूमि विवाद से जुड़े प्राप्त आवेदनों पर अब तक हुई कार्रवाई और उनके निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की।
13 मामले पहुंचे, चार का मौके पर समाधान
शनिवार को आयोजित संयुक्त बैठक में भूमि विवाद से संबंधित कुल 13 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से चार मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए स्थल जांच का निर्देश दिया गया। डीएम ने अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि शेष मामलों में दो दिनों के भीतर संयुक्त रूप से संबंधित स्थल पर पहुंचकर जांच करें। जांच के दौरान दोनों पक्षों की बात निष्पक्ष रूप से सुनी जाए, जमीन से संबंधित तथ्यों एवं अभिलेखों को देखा जाए और उसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। जांच में किसी व्यक्ति की गलती अथवा दोष सामने आने पर उसके विरुद्ध नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया।

हर शनिवार भूमि विवादों की सुनवाई
डीएम ने कहा कि प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को आयोजित होने वाले ‘सेवा संवाद एवं समाधान’ कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। इनमें भूमि विवाद से जुड़े मामले भी काफी संख्या में सामने आते हैं।
ऐसे मामलों के समयबद्ध समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक अंचल कार्यालय में हर शनिवार अंचल अधिकारी और संबंधित थानाध्यक्ष की संयुक्त बैठक आयोजित कर भूमि विवादों की सुनवाई एवं समाधान का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को जमीन से जुड़े विवादों के समाधान के लिए त्वरित और सुलभ मंच उपलब्ध कराना है। अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष दोनों पक्षों को सुनने के बाद स्थल की वास्तविक स्थिति और संबंधित अभिलेखों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
कार्यालय और न्यायालय के चक्कर कम करने पर जोर
डीएम ने अधिकारियों को भूमि विवाद से जुड़े मामलों में केवल आवेदन लेने तक सीमित नहीं रहने, बल्कि स्थल निरीक्षण, अभिलेखों की जांच और निष्पक्ष सुनवाई के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। लंबित मामलों की नियमित निगरानी कर निर्धारित समय-सीमा में निष्पादन करने को भी कहा गया। पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने कहा कि भूमि विवादों में दोनों पक्षों की बात सुनकर निष्पक्ष एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। थानाध्यक्ष और अंचल अधिकारी आपसी समन्वय के साथ स्थल निरीक्षण कर मामलों के त्वरित समाधान की दिशा में काम करेंगे। प्रशासन का विशेष जोर इस बात पर है कि छोटे भूमि विवादों का समय रहते समाधान हो, ताकि वे भविष्य में तनाव, टकराव या किसी बड़े विवाद का रूप न ले सकें।









